मध्य प्रदेश में भारी बारिश का कहर: 40 से ज्यादा जिलों में बिगड़े हालात, नदियों का जलस्तर बढ़ा

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के 40 से अधिक जिलों में पिछले 24 घंटों से झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में ढाई इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, मंडला में 2.2 इंच, खंडवा में पौने 2 इंच, भोपाल में डेढ़ इंच, दतिया, नौगांव और बालाघाट में सवा इंच, जबकि रतलाम, बैतूल, धार, नर्मदापुरम और जबलपुर जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। लगातार हो रही इस बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है।

हरदा और खंडवा में बाढ़ का तांडव
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर हरदा और खंडवा में देखने को मिल रहा है। हरदा के ग्राम मांदला के समीप कालीमाचक नदी का पानी पुल से तीन फीट ऊपर बह रहा है, जिससे नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे को बंद करना पड़ा है। वहीं, खंडवा के किल्लौद ब्लॉक में भारी बाढ़ के कारण खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से उफनते नाले और पुलों को पार न करने की अपील की है।

आष्टा में गहराया संकट, दो बच्चों की मौत
सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। पार्वती, पपनास और नेवज नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के कारण खाचरोद, मेहतवाड़ा और कोठरी समेत दर्जनों गांवों में घरों के भीतर पानी घुस गया है। दुखद रूप से, आष्टा के बापचा दोनिया गांव में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण किसानों की सोयाबीन की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है।

प्रशासन सतर्क: आगे और बारिश की चेतावनी
राज्य के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में इंदौर और उज्जैन सहित प्रदेश के 19 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। चंबल नदी में भी एक व्यक्ति के शव मिलने की पुष्टि हुई है, जो बाइक समेत बह गया था। स्थानीय प्रशासन बचाव और राहत कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।