विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा में चोरी का एक ऐसा अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ आम लोगों को हैरान कर दिया है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब तक आपने घरों, दुकानों, मंदिरों या वाहनों की चोरी की खबरें जरूर सुनी होंगी, लेकिन विदिशा में चोरों ने इस बार हद ही पार कर दी.
दरअसल, विदिशा नगर पालिका द्वारा शहर में ओवरस्पीडिंग रोकने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर लगवाए गए थे. इन स्पीड ब्रेकरों को करीब 9 लाख रुपये की लागत से शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर स्थापित किया गया था. लेकिन अब चोरों ने इन स्पीड ब्रेकरों को ही निशाना बना लिया.
रातों-रात शहर की सड़कों से स्पीड ब्रेकर चोरी कर लिए गए. हैरानी की बात यह है कि चोरी की यह वारदात किसी सुनसान इलाके में नहीं, बल्कि मेन रोड, दुर्गा नगर चौराहा और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से विवेकानंद चौराहा जैसे बेहद व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों से हुई है. इन इलाकों में दिन-रात आवाजाही बनी रहती है और सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद रहती है. इसके बावजूद चोर स्पीड ब्रेकर उखाड़कर ले जाने में सफल हो गए.
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि जब शहर की मुख्य सड़कों से स्पीड ब्रेकर तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा. यह घटना कहीं न कहीं नगर पालिका और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है.
नगर पालिका के CMO दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि उन्हें स्पीड ब्रेकर चोरी होने की जानकारी मिली है. इस संबंध में संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी गई है. प्रारंभिक जांच में करीब 8 लाख रुपये के स्पीड ब्रेकर चोरी होने की पुष्टि हुई है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
फिलहाल विदिशा पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी भारी मात्रा में स्पीड ब्रेकर आखिर चोर कैसे और कहां ले गए. यह चोरी सिर्फ सरकारी संपत्ति की नहीं, बल्कि शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बनकर सामने आई है. अब देखना होगा कि पुलिस और नगर पालिका मिलकर इन चोरों तक कब तक पहुंच पाती है.