22 घंटे चले रेस्क्यू के बाद नहीं बचा मासूम, उज्जैन बोरवेल हादसे में भागीरथ की मौत

Ujjain Bhagirath Death: उज्जैन जिले के बड़नगर में 2 साल के भागीरथ देवासी की 200 फीट गहरे बोरवेल में फंसने से मौत हो गई है. बच्चा करीब 70 फीट की गहराई पर फंस गया था. घटना गुरुवार शाम करीब साढ़े 7 बजे की है, जब वह घर के पास खेल रहा था. जैसे ही परिवार और गांव वालों को पता चला, तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई और मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. वहीं NDRF और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. भोपाल, इंदौर, हरदा और उज्जैन से आई टीमों ने मिलकर करीब 22 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. काफी मशक्कत के बाद लोहे की छड़, रस्सी और बोरवेल की मोटर निकालने वाली मशीन की मदद से बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. वहीं सीएम मोहन यादव ने दुख जताया है.

मामले की जांच की जा रही
वहीं इस पूरे मामले पर एसपी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़नगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया है. उन्होंने साफ कहा कि इस घटना में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही रेस्क्यू में जुटी सभी टीमों और स्थानीय लोगों का आभार भी जताया गया. प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि बोरवेल खुला कैसे छोड़ा गया और सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं थे.

मां के सामने गिरा था बच्चा
दरअसल, भागीरथ का परिवार राजस्थान के पाली जिले से यहां भेड़ चराने आया था. वहीं परिजनों ने बताया कि बच्चा खेलते-खेलते बोरवेल के पास पहुंच गया और पत्थर हटाकर उसे बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया. मां ने उसे गिरते देखा और बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस हादसे ने एक बार फिर खुले बोरवेल की गंभीर समस्या और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं.