लुधियाना : एक मां की आंखें उस वक्त भर आई, जब उन्होंने अपने उस बेटे को देखा, जिसे देखने की उम्मीद शायद उनका परिवार छोड़ चुका था. लेकिन मां का दिल कहता था कि बेटा जरूर मिलेगा और उसके दिल की पुकार भी पूरी हो गई. क्योंकि छतरपुर जिले के हरपालपुर से 17 साल पहले गायब हुआ बेटा अब जाकर पंजाब के लुधियाना से मिला है, जिसे एमपी पुलिस ने खोजा है. जैसे ही थाने से फोन आया कि ‘आपका बेटा मिल गया है’ परिवार अविश्वास में पड़ गया, लेकिन जब मां ने विनीत को देखा वह फूट-फूटकर रो पड़ीं और बरसों से दबा दर्द आंसुओं में बह निकला.
पढ़ाई के डर से छोड़ा था घर
हरपालपुर में रहने वाला 14 साल का छात्र विनीत तिवारी 4 सितंबर 2008 को हरदयाल स्कूल से अचानक लापता हो गया था. परिवार और पुलिस ने हर संभव तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीदें धुंधली पड़ती गईं. क्योंकि उनका बेटा काफी खोजने के बाद भी कही नहीं मिल रहा था. परिवार ने उसके वापस लौटने की उम्मीदें छोड़ दी थी, लेकिन आखिरकार जब पुलिस को वह 17 साल बाद लुधियाना में मिला तो उसने बताया कि पढ़ाई के डर की वजह से उसने घर छोड़ दिया था.
एमपी पुलिस को मुस्कान अभियान से मिली सफलता
एमपी पुलिस के मुस्कान अभियान के तहत हरपालपुर थाना प्रभारी संजय राय व उनकी टीम लगातार पुराने मामलों की पड़ताल कर रही थी. इसी दौरान उन्हें विनीत के बारे में जानकारी मिली. लगातार तकनीकी और मैदानी जांच के बाद पुलिस ने विनीत को लुधियाना के डुगरी थाना क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया. थाना प्रभारी संजय राय ने बताया कि पूछताछ में युवक विनीत ने बताया कि वह पढ़ाई के डर से घर से भाग गया था और तब से वहीं अलग-अलग जगह काम कर अपना जीवन चला रहा था. इस दौरान वह लुधियाना में ही अलग-अलग जगहों पर काम करता रहा था.
विनीत के मिलने के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसने अपने माता-पिता के साथ जाने की इच्छा व्यक्त की, अदालत ने उसे पिता रामकुमार तिवारी के सुपुर्द कर दिया. घर पहुंचते ही परिवार में वर्षों बाद खुशियों का ऐसा माहौल बना, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, क्योंकि जिस बेटे की वापसी की उम्मीद सभी छोड़ चुके थे, वह अचानक से उनके सामने खड़ा हो गया, ऐसे में किसी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.