भोपाल : मध्यप्रदेश के लोगों को नए साल में बिजली बिल फिर जोर का झटका देने जा रहा है. प्रदेश में बिजली बिलों में 10 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की तैयारी की जा रही है. प्रदेश की बिजली कंपनियों ने 42 हजार करोड़ के घाटे को पूरा करने का हवाला देते हुए विद्युत नियामक आयोग को टैरिफ पिटीशन दी है. आयोग ने कंपनियों की पिटीशन को स्वीकार कर लिया है. पिटीशन को लेकर आयोग अब जल्द ही सुनवाई शुरू करने जा रहा है. बिजली की बढ़ी हुई कीमतें 1 अप्रेल 2026 से लागू हो सकती हैं.
घाटे की भरपाई के लिए बढ़ोत्तरी की तैयारी
मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने तीनों कंपनियों की ओर से बिजली बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को सौंपा है. बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी के लिए बिजली कंपनियों को हो रहे घाटे को बताया गया है. प्रस्ताव में बताया गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को 18 हजार 712 करोड़ का घाटा हो रहा है. इसी तरह पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को 7हजार 285 करोड़ और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को 16 हजार 378 करोड़ का घाटा हो रहा है. घाटे की भरपाई के लिए कंपनियों ने अलग-अलग स्लैब में बिजली बिल का प्रस्ताव दिया है. इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव 300 प्लस यूनिट के स्लैब में दिया है.
पिछले साल 3.46 फीसदी हुई थी बढ़ोत्तरी
बिजली की कीमतों में हर साल बढोत्तरी हो रही है, साल 2025-26 में 3.46 फीसदी की बढोत्तरी हुई है, जबकि कंपनियों ने 7.52 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया था. साल 2024-25 में बिजली दरों में सबसे कम बढोत्तरी 0.07 फीसदी हुई थी, जबकि कंपनियों ने 3.86 फीसदी का प्रस्ताव सौंपा था. हालांकि, बिजली मामलों के एक्सपर्ट राजेन्द्र अग्रवाल ने बिजली दरों में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है.
एक्सपर्ट राजेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, ” यह पहली बार है जब इतनी ज्यादा बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव सौंपा गया है. इसके पहले साल 2022-23 में कंपनियों ने 8.71 फीसदी का प्रस्ताव सौंपा था. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उत्तर प्रदेश राज्य ने पिछले पांच सालों से टैरिफ में एक भी पैसे की बढ़ोत्तरी नहीं की, तब मध्यप्रदेश में क्यों हर साल टैरिफ बढाया जा रहा है? यदि बिजली कंपनियों को मैनेजमेंट बेहतर हो, तो इसका बोझ आम जनता पर डालने की नौबत ही नहीं आएगी.”
जल्द शुरू होगी मामले पर सुनवाई
उधर टैरिफ को लेकर सुनवाई जल्द ही शुरू होने जा रही है. विद्युत नियामक आयोग ने टैरिफ बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. नियामक आयोग जल्द ही इसकी सूचना जारी करने जा रहा है. सुनवाई के लिए आयोग सार्वजनिक सूचना जारी कर इसकी तारीखों का ऐलान करेगा. पिटीशन बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को लेकर आम लोगों के पक्ष को भी सुना जाएगा.