ट्विशा शर्मा मौत केस में बड़ा मोड़! 7 दिन की पुलिस रिमांड पर समर्थ सिंह, अब खुलेंगे कई राज

भोपाल: ट्विशा शर्मा की मौत मामले में भोपाल कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. बता दें समर्थ सिंह सरेंडर करने के लिए जबलपुर कोर्ट पहुंचा था. जहां कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद समर्थ ने जिला कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की. जज ने गलत प्रक्रिया का हवाला देते हुए सरेंडर स्वीकार करने से इनकार कर दिया. आरोपी समर्थ सिंह ट्विशा की मौत के बाद से फरार चल रहा था.

इसके बाद जबलपुर से आरोपी समर्थ सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया. वहीं पुलिस देर रात समर्थ सिंह को भोपाल लेकर आई. जहां कोर्ट में पेशी से पहले पुलिस ने समर्थ सिंह का जेपी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट करवाया. उसके बाद कोर्ट में समर्थ सिंह को पेश किया गया. पुलिस ने आरोपी की 7 दिन की रिमांड मांगी थी. जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है. रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी समर्थ सिंह से ट्विशा की मौत को लेकर पूछताछ करेगी. इस दौरान पुलिस यह भी पता करेगी आरोपी समर्थ सिंह को किसने पनाह दी थी.

7 दिन की रिमांड पर भेजा गया
वहीं ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. लेकिन पहले ही बहुत देर हो गई है. इस केस में दुर्भाग्य से गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत देने के समय यह शर्त नहीं रखी गई कि वे उस घर में नहीं रह सकती. वे शुरू से उस घर में रह रही हैं, वहां उनके, समर्थ के खिलाफ जो भी सबूत होंगे उसे नष्ट करने का उनके पास मौका है. बार-बार वे सोशल मीडिया पर ट्विशा पर ड्रग्स लेने का आरोप लगा रही हैं और इस संबंध में उसके कमरे में, कहीं भी वे कुछ भी रख सकती हैं. अब अगर जांच के समय कुछ मिलता है तो यह देखना चाहिए कि गिरिबाला सिंह के पास पहले से 10-12 दिन का समय था. आज भी वे उसी घर में हैं. पोस्टमार्टम के लिए एक्सपर्ट टीम यहां आएगी और दूसरी बार पोस्टमार्टम होगा.

अब दोबारा होगा पोस्टमार्टम
वहीं ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए कोर्ट ने AIIMS दिल्ली के डायरेक्टर को एक मेडिकल बोर्ड बनाने के लिए मंजूरी दे दी है. बता दें कि रविवार को मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों की तरफ से पोस्टमॉर्टम करने का आदेश दिया गया. उसके बाद AIIMS में फोरेंसिक के चीफ डॉ. सुधीर गुप्ता ने डायरेक्टर की मंजूरी मिलने के बाद AIIMS दिल्ली के 4 वरिष्ठ डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड बनाया, जो ऑटोप्सी करेगा.