भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने दीपावली के पहले प्रदेश के पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को बड़ी राहत दी है. करीबन 10 सालों बाद प्रदेश के कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए परोपकारी निधि में बढ़ोतरी की गई है. पहले यह 1 लाख रुपए थी, इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है. पुलिस मुख्यालय ने इसको लेकर सभी इकाईयों और शाखाओं को निर्देश जारी कर दिया है. पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाईयों और शाखाओं से इस संबंध में दो हफ्ते में क्रियांवयन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं.
पुलिस कर्मियों को मिलेगा यह लाभ
मध्य प्रदेश के पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवारों को परोपकार निधि सहित अन्य सुविधाएं देने का निर्णय पिछले दिनों हुई बैठक में लिया था. अब इसके मिनट जारी कर दिए गए हैं. इसके तहत अब पुलिस कर्मचारियों के लिए परोपकार निधि को बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है. इसमें अब किसी भी पुलिसकर्मी की मृत्य होने पर परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में यह राशि दी जाएगी. पुलिस मुख्यालय ने तमाम इकाईयों प्रमुखों के वित्तीय अधिकारों को भी 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है.
– पुलिसकर्मियों के बच्चों को 8 वीं कक्षा से ही शिक्षा निधि का लाभ दिया जाएगा. पहले यह 11 वीं कक्षा से मिलता था.
– यदि पुलिसकर्मी का बच्चा राष्ट्रीय स्तर के किसी शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेता है तो बच्चे को 2 लाख रुपए की वार्षिक सहायता दी जाएगी. पहले यह 50 हजार रुपए ही थी.
सभी परिसरों में बनेंगे खेल मैदान
मध्य प्रदेश में जहां भी पुलिस आवासीय परिसर हैं, उनमें खेल मैदान बनाए जाएंगे. साथ ही यहां कई तरह के खेलों की गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पुलिसकर्मी और उनके परिजन खेल गतिविधियों में शामिल होकर स्वस्थ रह सकें. पुलिसकर्मियों की जिला ऋण निधि, चिकित्सा राहत निधि की राशि को भी बढ़ाया जा रहा है. साथ ही पुलिस कल्याण गतिविधि में पुलिसकर्मियों की तैनाती की समयसीमा भी निर्धारित की गई है. अब पुलिसकर्मी अपनी पूरी सर्विस के दौरान सिर्फ 5 साल ही पुलिस कल्याण गतिविधि में ही शामिल हो सकेगा. एक समय में 3 साल से ज्यादा समय तक तैनानी नहीं की जाएगी.