UCC मुसलमानों को भी कबूल, मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने कहा- उनसे आ रहे अच्छे सुझाव

भोपाल: उत्तराखंड, गुजरात के बाद अब मध्य प्रदेश ने भी समान नागरिक संहिता (UCC) को जल्द ही लागू किया जा सकता है। राज्य सरकार इसे लिए विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने वाले पांच दिवसीय मानसून सत्र में विधेयक पेश करेगी। इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में मुसलमानों ने भी इस पर सकारात्मक सुझाव दिए हैं।

मोहन यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए हमने समिति बना दी है। समिति इसके लिए सुझाव ले रही है। लाखों लोगों के सुझाव आ रहे हैं। कई प्रकार के अच्छे सुझाव हमारे मुस्लिम भाई-बहनों की ओर से भी मिल रहे हैं जिन्होंने समान नागरिक संहिता की आवश्यकता को सकारात्मकता से लिया है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना उनकी सरकार का संकल्प है और राज्य इस संहिता को अमली जामा पहनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मॉनसून सत्र में विधेयक पास कराना चाहती है सरकार
मोहन यादव ने कहा, ‘जब हमारे देश में एक विधान (संविधान), एक निशान और एक प्रधान है, तो अलग-अलग कानूनों का क्या अर्थ है?’ यादव ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी हालत में विधानसभा के मॉनसून सत्र के समापन से पहले समान नागरिक संहिता विधेयक पारित कराने का प्रयास करेगी। अधिकारियों ने बताया कि समान नागरिक संहिता के लागू करने के विषय में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह समिति इन दिनों राज्य का दौरा करके समान नागरिक संहिता पर लोगों की राय जान रही है और कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करके राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

इंदौर के लिए तोहफे
इस बीच, मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-5 में करीब 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की औपचारिक शुरुआत की जिनमें सड़क और सीवर लाइन का निर्माण शामिल है। उन्होंने शहर के बेहद व्यस्त रोबोट चौराहे पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन वाला फ्लाईओवर बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करने को लेकर नागरिकों की मांग पर उचित कदम उठाया जाएगा।