मध्य प्रदेश -छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट, 21 नवंबर तक शीतलहर का अलर्ट

भोपाल/ रायपुर . मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ठंड ने इस बार नवंबर की शुरुआत में ही जोर पकड़ लिया है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन शीत लहर चलेगी. कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे रिकॉर्ड किया गया है. IMD ने 18 से 21 नवंबर तक शीतलहर और गंभीर शीतलहर की चेतावनी दी है. विभाग का कहना है कि बच्‍चों और बुजुर्गों का खास ध्‍यान रखा जाए. ऐसे मौसम में सर्दी खांसी और बुखार के मरीज भी बढ़ गए हैं.

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के शहरों में ठंड का असर दिख रहा है. भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.4°C तक गिर गया. इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान तेजी से नीचे आया है. सुबह के समय कोहरा छाया रहता है. लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं. ठंड का सबसे बड़ा असर बच्चों पर दिख रहा है. भोपाल में स्कूल बसें सुबह 6.30 बजे ही घरों के बाहर पहुंचने लगती हैं. इतनी ठंड में छोटे बच्चों को बाहर निकालना चुनौती बन गया है. हालांकि कुछ निजी स्कूलों ने 20 से 30 मिनट का समय बढ़ाया है. लेकिन सरकारी स्कूलों में अभी भी पुराना समय ही लागू है.

कुछ जिलों में स्‍कूलों का समय बदला
स्कूल समय में बदलाव को लेकर प्रदेश में स्थिति असमान है. ग्वालियर, छिंदवाड़ा और देवास जिलों ने समय बढ़ा दिया है. छिंदवाड़ा में सुबह 8.30 बजे से पहले कोई भी स्कूल नहीं खुलेगा. ग्वालियर में कुछ स्कूलों ने क्लास का समय 8.10 से 8.20 कर दिया है. देवास प्रशासन ने भी ठंड को देखते हुए बदलाव किया है. इंदौर और उज्जैन में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है. इंदौर कलेक्टर का कहना है कि अभी कोल्ड डे जैसी परिस्थिति नहीं बनी है. लेकिन तापमान गिरा तो समय बदलने पर फैसला लिया जाएगा.

भिंड, दतिया, रतलाम और विदिशा में ठंड
प्रदेश के अन्य जिलों में भी ठंड बढ़ रही है. भिंड, दतिया, रतलाम और विदिशा में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है. भिंड में सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 11°C रहा. छात्र सुबह कोचिंग और स्कूल के लिए भारी जैकेट पहनकर निकलते दिखाई दे रहे हैं.

18 और 19 नवंबर को गंभीर शीतलहर
IMD ने कहा है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम होंगे. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 नवंबर को गंभीर शीतलहर की स्थिति बन सकती है. पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा में भी ठंड का प्रकोप बढ़ेगा. यदि तापमान इसी रफ्तार से गिरा, तो आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर स्कूल समय में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है.