मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश… मौसम हुआ सुहावना, अगले 24 घंटों में 32 जिलों में बरसेंगे बादल

MP Weather Update Today: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों का असर लगातार देखा जा रहा है. सोमवार को भोपाल और सागर में आधे इंच से ज़्यादा बारिश हुई, जबकि सीहोर, छिंदवाड़ा, रायसेन और राजगढ़ समेत कई जिलों में भी अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई. ग्वालियर में तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली.

मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश
सोमवार को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा. भोपाल और सागर में आधे इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार, आज भी कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है.

ग्वालियर में बदला मौसम
ग्वालियर में तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. आंधी और बारिश के कारण राज्य के ज्यादातर शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई.

यहां देखें तापमान
सोमवार को बारिश और बादलों की वजह से राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई. अधिकतम तापमान भोपाल में 34.5°C, इंदौर में 37.1°C, उज्जैन में 38°C, जबलपुर में 38.7°C और ग्वालियर में 39.2°C रहा. वहीं, खजुराहो 42.6°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा, जबकि पचमढ़ी 34.2°C के साथ सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया.

आज इन जिलों में गिरेगा पानी
मौसम विभाग ने आज मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, विदिशा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

मानसून की रफ्तार धीमी
दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अभी धीमी है. मौसम विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अब मानसून के 20-21 जून के बाद ही मध्य प्रदेश में पहुंचने की संभावना है. हालांकि इस बीच मानसून-पूर्व की गतिविधियां राहत देती रहेंगी.

अभी कहां है मानसून
सोमवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम और कोरापुट के आसपास बनी रही. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने की संभावना है.