Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है. मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए अधिकारी CBI द्वारा किए गए सीन रिक्रिएशन की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. यह रिपोर्ट जांच की दिशा तय करने और यह स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकती है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या थी, या इसके पीछे हत्या की कोई साजिश थी.
दिल्ली में तैयार हो रही रीक्रिएशन रिपोर्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार CBI ने दो दिन पहले घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया पूरी की थी. इस दौरान, अलग-अलग स्थितियों की जांच करने के लिए घटनाओं के क्रम को फिर से बनाया गया और तकनीकी सबूत इकट्ठा किए गए. रीक्रिएशन के दौरान इकट्ठा किए गए डेटा को विस्तृत विश्लेषण के लिए दिल्ली स्थित सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) भेज दिया गया है. फिलहाल, CFSL के विशेषज्ञ इस डेटा की वैज्ञानिक जांच कर रहे हैं और एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. उम्मीद है कि यह रिपोर्ट अगले हफ्ते के भीतर CBI को सौंप दी जाएगी. इस रिपोर्ट के नतीजों से मौत से जुड़ी असल परिस्थितियों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है.
न्यायिक हिरासत में गिरिबाला सिंह और समर्थ
इस बीच, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल में अलग-अलग बैरकों में रखा गया है. सुरक्षा कारणों से जेल प्रशासन ने गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 आवंटित कर महिलाओं की बैरक में विशेष निगरानी में रखा है.
समर्थ सिंह कैदी नंबर 1782
वहीं ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को कैदी नंबर 1782 दिया गया है. समर्थ सिंह को जेल के ‘ब्लॉक B’ के अंदर एक बैरक में निगरानी में रखा गया है. दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए, विशेष CBI अदालत ने आदेश दिया है कि उन्हें 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल में ही रखा जाए.