मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला जारी, सागर के जंगल में मिला टाइगर का शव, जांच में जुटी टीमें

सागर: टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला अभी भी जारी है, जहां सागर जिले में मिले बाघ के शव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सागर के दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत आने वाले ढाना परिक्षेत्र के ग्राम हिलगन के जंगल में रविवार 28 दिसंबर 2025 को एक नर बाघ मृत अवस्था में मिला था. घटना की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण वन मंडल की टीम मौके पर पहुंची. इसके अलावा, कई ओर टीमें भी जांच पड़ताल में जुटी हुई हैं. जिस स्थान पर यह शव मिला है, वह वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व की सीमा से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित राजस्व वन क्षेत्र में है.

डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल पर की गई छानबीन
सागर दक्षिण वन मंडल अधिकारी के मुताबिक घटना राजस्व भूमि ग्राम हिलगन में टोरिया की खेर माता बीट हिलगन के कक्ष क्रमांक पी.एफ. 851 से लगभग 02 कि.मी. की दूरी पर स्थित है. जो वन परिक्षेत्र धाना के अंतर्गत प्रकाश में आई है. जिस पर एस.ओ.पी. दिशा निर्देश अनुसार त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना स्थल को सुरक्षित किया गया एवं वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल एवं उसके आस-पास छानबीन की कार्यवाही भी की गई.

करंट वायर की वजह से हुई बाघ की मृत्यु
बाघ के पोस्टमार्टम को विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सक के द्वारा किया गया है. वहीं वन्यजीव बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए. वन्यजीव चिकित्सक की टीम के द्वारा शव परीक्षण के दौरान बाघ नर की मृत्यु करंट वायर से होने की संभावना बताई गई है. इसके बाद शासन द्वारा जारी एसओपी अनुसार शवदाह की कार्रवाई की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी भी की गई. विस्तृत शव परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मामले में वन अपराध विभाग ने केस दर्ज कर लिया है.

बाघ की पहचान की कोशिश जारी
डीएफओ वरुण यादव के अनुसार मृत टाइगर कहां से आया और किस टेरिटरी का है, इसकी जानकारी अभी नहीं लग सकी है. रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व समेत आसपास के टाइगर रिजर्व से बाघ के स्ट्राइप्स (धारियों) का मिलान कर जानकारी अभई जुटाई जा रही है.

वहीं, दूसरी तरफ बाघ की मौत से मचे बवाल के बाद जांच के लिए जबलपुर से वाइल्ड लाइफ एसटीएफ की टीम भी जांच के लिए सागर आई हुई है. जिस स्थान पर बाघ मृत मिला वहां पर अभी तक कोई भी पगमार्क नहीं मिले हैं. वहीं इसके, अलावा पन्ना टाइगर रिजर्व की भी टीम जांच के लिए आ रही है. ये टीमें पूरे मामले की जांच अलग-अलग स्तर पर काम करेगी और घटनास्थल के आसपास के लोगों से भी पूछताछ जारी है.