पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां महुआ टोला क्षेत्र में एक टाइगर ने महिला पर हमला कर उसे जंगल की ओर घसीट लिया. महिला के प्राण पखेरू उड़ने ही वाले थे कि बाकी ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर टाइगर के हमले को नाकाम कर दिया और जैसे-तैसे महिला को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया.
घात लगाए बैठे टाइगर ने किया हमला
घटना शुक्रवार शाम की है जब महिला महुआ बीनने जंगल की ओर गई हुई थी. इसी दौरान घात लगाए बैठे टाइगर ने महिला पर हमला कर दिया और उसकी टांग जबड़े में फंसाकर घसीटने लगा. महिला की चीख सुनते ही उसके साथियों ने हिम्मत दिखाई और भागने की बजाए डंडों के साथ जमकर शोर मचाया जिससे बाघ घबरा गया और महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया. इसके बाद गंभीर रूप से घायल हुई महिला को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
महुआ बीनने साथ निकले थे ग्रामीण, तभी हुआ बाघ का हमला
प्रत्यक्षदर्शी नंदनाल आदिवासी ने बताया, ” महुए का सीजन चल रहा है इसलिए लोग रोज की तरह महुआ बीनने निकले थे. रामकली भी चार-पांच अन्य साथियों के साथ महुआ बीनने निकली थी कि तभी बाघ ने अचानक हमला बोल दिया. बाघ झाड़ी में छिपकर बैठा था और रामकली समझ भी नहीं पाई कि अचानक क्या हुआ. तभी बाघ ने उसके पैर पर अपने दांत गड़ाए और घसीटने लगा. इसके बाद सबने जमकर शोर किया और लकड़ियां बाघ की ओर फेंकनी शुरू की, जिसके बाद वो भाग गया.”
रेंजर अजय वाजपेयी के मुताबिक यह घटना पन्ना की विश्रमगंज रेंज अंतर्गत टगर के बीट क्रमांक 299 की है. यह क्षेत्र महुआ टोला के अंतर्गत आता है. पीड़ित महिला की पहचान रामकली आदिवासी (35) के रूप में हुई है. महिला का जिला चिकित्सालय में इलाज जारी है.
साथियों की तत्परता से बची जान
रेंजर अजय वाजपेयी ने कहा, ” महिला पर टाइगर के हमले का मामला सामने आया है. महिला के साथ मौजूद रहे साथियों ने संघर्ष कर उसकी जान बचाई है. तुरंत उसके पैर पर कपड़ा बांधकर साथी 2 किमी पथरीले रास्ते को पार करते हुए उसे जिला चिकित्सालय ले गए वहीं, जैसे ही वन विभाग को सूचना लगी तुरंत टीम ने मामले को जांच में लिया और नियम अनुसार पीड़ित को उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. अभी महिला का इलाज करवाया जा रहा है. वन समितियां के जरिए जंगल से लगे गांवों को पहले ही अवगत करा दिया गया है कि टाइगर मूवमेंट वाले जगह पर जाने से बचें, इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं.”