ग्वालियर: मध्य प्रदेश में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। एक मकान में जहरीला गैस फैलने से एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं, उसके माता-पिता और बहन की हालत बिगड़ गई। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि पांच बहनों के बीच वह इकलौता भाई था। काफी मन्नतों के बाद उसका जन्म हुआ था।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक मकान में गैस फैलने से एक किराएदार परिवार हादसे का शिकार हो गया। मकान मालिक ने घर मे गेहूं के अंदर सल्फास की दवा रखा थी। देर रात अचानक उससे गैस फैल गया। इसकी चपेट में आए किराएदार दंपति और उनकी बेटी की हालत बिगड़ी गई। वहीं, चार साल के इकलौते बेटे की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
ग्वालियर के जड़ेरूआ इलाके में सत्येंद्र शर्मा उनकी पत्नी रजनी शर्मा किराए के मकान में रहते हैं। उनके साथ बेटी और चार साल का बेटा करुआ भी रहता था। मकान मालिक कृष्ण यादव ने इसी मकान के एक हिस्से में गेहूं भर रखा है। बताया जा रहा है कि गेहूं के अंदर मकान मालिक ने सल्फास की गोलियां रखी थी। संभावना है कि गोलियों की मात्रा ज्यादा होने से देर रात इसकी गैस फैल गई। गैस से सत्येंद्र शर्मा उनकी पत्नी रजनी शर्मा और बेटी की हालत बिगड़ गई जबकि चार साल का बेटा करुआ की मौके पर ही मौत हो गई।
लोगों ने सत्येंद्र उनकी पत्नी और बेटी की निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सत्येंद्र की मां ने बताया कि सत्येंद्र की पांच बेटियां हैं। बरसों बाद मन्नत से इकलौता बेटा हुआ था। इकलौता बच्चा इस हादसे में गुजर गया
जानकारी लगते ही गोला का मंदिर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मकान मालिक द्वारा गेहूं में डाली गई दवा बरामद कर जांच के लिए सैंपल भेजे हैं। पुलिस के मुताबिक इस मामले में जांच की जाएगी कि आखिरकार गेहूं में क्या डाला गया था और उसके आधार पर कार्रवाई होगी।