मध्य प्रदेश में केन बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित ग्रामीणों ने मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। छतरपुर में एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा आक्रोशित लोगों ने पत्थरबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा। हालात बेकाबू होने पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया।
हंगामा कर रहे असंतुष्ट ग्रामीण और आक्रोशित लोग
इस मामले में बिजावर के एसडीएम राकेश शुक्ला ने कहा, ‘केन बेतवा परियोजना का बांध निर्माणाधीन है; कुछ लोग वहां लगातार हंगामा कर रहे थे। उनमें से कुछ के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सुबह से अब तक मैंने उन्हें कई-बार समझाया है कि जमानत मिलने की प्रक्रिया निर्धारित है… ऐसी बातें सामने आई हैं कि कुछ लोगों ने पत्थर उठाकर कुछ जगहों पर हमले का प्रयास किया। प्रशासन वीडियो देखने के बाद इस संबंध में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करेगा। हम मामले की जांच कर रहे हैं।’
ग्रामीणों की मांग पूरा करेगी सरकार
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आदित्य पटले ने बताया कि दोधन गांव के कुछ लोगों की मांगें वही थीं जो उन्होंने पहले सरकार के सामने भी रखी थीं। असंतुष्ट ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर थोड़े आक्रामक भी हो गए। हालांकि, स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त कर दिया है।
नियंत्रण में हालात
पटले के मुताबिक विस्थापित किए गए लोग पहले से व्यापक चर्चा में शामिल हैं। सरकार कानूनी दायरे में आने वाली ग्रामीणों की मांगों को पूरी तरह से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशितों से बातचीत कर उन्हें अपनी जगह से पीछे हटने को कहा। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। सभी लोग शांतिपूर्वक चले गए हैं। पुलिस की गश्त जारी है।