मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर से एक अनोखा मामला सामने आया है। जिला चिकित्सालय में एक एचआईवी पॉजिटिव युवक अपनी प्रेमिका से विवाह की इच्छा लेकर पहुंचा तो असमंजस की स्थिति बन गई। युवक ने अपनी व्यक्तिगत भावनाएं खुलकर रखीं, लेकिन चिकित्सकीय दृष्टि से मामला संवेदनशील होने के कारण विशेषज्ञों ने उसे समझाने का प्रयास किया। उसे बताया गया कि एचआईवी निगेटिव पार्टनर से विवाह करने पर संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ सकता है।
एआरटी सेंटर के स्टाफ ने युवक को साफ शब्दों में बताया कि एचआईवी एक नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है, लेकिन सावधानी और सही निर्णय बेहद जरूरी हैं। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उसे निगेटिव पार्टनर से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई, ताकि संक्रमण का खतरा न बढ़े। बातचीत के दौरान युवक भावुक भी हुआ और उसने बताया कि वह अपनी प्रेमिका से बेहद लगाव रखता है और सामाजिक रूप से सम्मानजनक जीवन जीना चाहता है।
युवक का बायोडाटा तैयार करवाया
युवक की स्थिति को समझते हुए एआरटी सेंटर ने एक अनोखी और मानवीय पहल की। उसे निराश लौटाने के बजाय चिकित्सकों और कर्मचारियों ने उसका बायोडाटा तैयार कराया और भरोसा दिलाया कि उसके लिए एचआईवी पॉजिटिव महिला की तलाश की जाएगी, जो विवाह के लिए इच्छुक हो और उसकी सोच और परिस्थितियों से मेल खाती हो। सेंटर का मानना है कि इससे न केवल युवक को जीवनसाथी मिलने की उम्मीद बनेगी, बल्कि संक्रमण के प्रसार को भी रोका जा सकेगा।