मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मलिकपुरा में गुरुवार को भावनाओं से भरा दृश्य देखने को मिला। यहां 2013 के कवाल कांड के दौरान कत्ल किए गए ममेरे-फुफेरे भाई गौरव और सचिन की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में पहुंचे और दोनों दिवंगत युवकों की स्मृति में श्रद्धासुमन अर्पित किए। गौरतलब है कि इनकी हत्या के बाद ही मुजफ्फरनगर में दंगा भड़का था।
सुबह हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसे आचार्य देवराज आर्य ने संपन्न कराया। इसके बाद श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। सभा में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व विधायक विक्रम सैनी, जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, पूर्व विधायक उमेश मलिक समेत कई नेताओं और क्षेत्रीय गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान कवाल गांव के मुख्य मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात रहा।
स्मारक के लिए जमीन दान
सभा में बड़ी मांग उठी कि मलिकपुरा में ही गौरव और सचिन की याद में स्मारक बनाया जाए। इस पर मृतक गौरव के पिता रविंद्र कुमार ने पहल करते हुए ढाई बीघा भूमि दान करने की घोषणा की। निर्णय लिया गया कि इसी भूमि पर स्मारक का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री की ओर से स्मारक निर्माण की निगरानी और संचालन के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित करने की बात भी कही गई।
श्रद्धांजलि सभा में भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष कार्तिक काकरान, जानसठ ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र सिंह, पूर्व चेयरमैन यनेश तंवर, नजर सिंह गुर्जर, हरेंद्र सिंह, अमित प्रमुख, रविंद्र प्रधान, राजपाल आर्य और अंकित तितौरिया समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
इस बार अनुपस्थित रहीं स्वाति
कार्यक्रम की एक खास चर्चा रही मृतक सचिन की पत्नी स्वाति की गैरहाजिरी। पिछले वर्ष वह अपने बेटे गगन के साथ नौ साल बाद पुण्यतिथि में शामिल हुई थीं, लेकिन एक माह बाद ही मायके गांव पुरबालियान लौट गईं। इस बार 12वीं पुण्यतिथि पर वह नहीं पहुंचीं। वहीं, उनका बेटा गगन मलिकपुरा में ही रह रहा है।
क्षेत्रवासियों में भावनात्मक माहौल
श्रद्धांजलि सभा के दौरान माहौल भावुक रहा। स्थानीय लोगों ने कहा कि गौरव और सचिन की यादें आज भी उतनी ही ताजा हैं। स्मारक बनने से उनकी स्मृति हमेशा जीवित रहेगी और नई पीढ़ी को भी उनकी कहानी याद दिलाती रहेगी।