भाकियू का अल्टीमेटम: 2 फरवरी तक प्रदूषण नहीं सुधरा तो मुजफ्फरनगर में…

मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव के निर्देशों के क्रम में प्रत्येक माह के तृतीय बुधवार को आयोजित होने वाला ‘किसान दिवस’ इस बार मुजफ्फरनगर में काफी हंगामेदार रहा। जिला पंचायत सभा कक्ष में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में किसानों की समस्याओं का अंबार लग गया, जिसमें सबसे प्रमुख मुद्दा जिले का बढ़ता प्रदूषण रहा।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में पहुंचे किसान नेताओं ने जिले की बदहाल हवा और प्रदूषण की समस्या पर प्रशासन को जमकर घेरा। भाकियू ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 2 फरवरी तक प्रदूषण की समस्या में सुधार नहीं हुआ, तो संगठन एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

अधिकारियों को कड़े निर्देश

एडीएम प्रशासन ने किसानों की बिजली, सिंचाई और सड़कों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे व्यक्तिगत ध्यान देकर किसानों की शिकायतों का तत्काल निस्तारण करें। वहीं, पीडब्लूडी (PWD) विभाग को सड़कों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण करने और निस्तारण रिपोर्ट की सॉफ्ट कॉपी ‘जन शिकायत मोबाइल ऐप’ पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व

किसान दिवस के दौरान किसान नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी उपस्थिति रही। बैठक में किसान दिवस प्रभारी सुमित चौधरी, भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज पहलवान, प्रदेश महासचिव श्यामलाल चेयरमैन, महानगर अध्यक्ष गुल बहार राव, युवा जिलाध्यक्ष नरेश पुंडीर, महासचिव शहीद आलम और जिला मीडिया प्रभारी हेमेंद्र कुमार ने किसानों का पक्ष मजबूती से रखा।

इसके अतिरिक्त सदर युवा ब्लॉक अध्यक्ष हैप्पी बालियान, पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष मोनू प्रधान, चरथावल ब्लॉक अध्यक्ष संजय त्यागी, जिला

महासचिव मनीष प्रधान, उपेंद्र बरवाला, महामंत्री सचिन चौधरी, आकाश बालियान, मोरना ब्लॉक अध्यक्ष अनुज राठी, और सदर ब्लॉक अध्यक्ष गुलशन चौधरी सहित भारी संख्या में किसान संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। सरकारी पक्ष से उप निदेशक कृषि प्रमोद सिरोही सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।