मुजफ्फरनगर जिला कलेक्ट्रेट में सरकारी कार्यालय बने चार्जिंग पॉइंट: कर्मचारी निजी ई-स्कूटी कर रहे चार्ज

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले के कचहरी परिसर में सरकारी कार्यालय की बिजली का दुरुपयोग करते हुए एक कर्मचारी अपनी निजी इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज करता पाया गया। यह घटना जिला कलेक्ट्रेट स्थित जिला प्रोबेशन विभाग कार्यालय की बताई जा रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि प्रोबेशन विभाग कार्यालय के बिजली बोर्ड पर बैटरी वाली स्कूटी प्लग इन कर चार्ज की जा रही है। समाजसेवी द्वारा यह वीडियो साझा किया गया और इसे सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल का उदाहरण बताया गया।

बिजली चोरी के समान दुरुपयोग

जानकारी के अनुसार, यह घटना कार्यालय समय के दौरान हुई। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। सरकारी बिजली से निजी वाहन चार्ज करना बिजली चोरी के समान है, जिससे विभागीय कार्यालय का उपयोग नुकसान में पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक कार्यालय में ऐसा हो सकता है, तो अन्य कार्यालयों में भी ऐसे घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इस मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

प्रशासन की जांच और दिशा निर्देश

जिला कलेक्टर उमेश मिश्रा को चाहिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में निजी वाहन चार्जिंग पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करें। यदि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ बिजली चोरी का मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल होने से मामला सुर्खियों में आ गया है और जिला प्रशासन की नजर अब इस पर टिकी हुई है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और सरकारी बिजली का दुरुपयोग नहीं होगा।