यूरिया की कालाबाजारी पर कसा शिकंजा, चार दुकानों के लाइसेंस निरस्त

मुजफ्फरनगर। कृषि विभाग ने यूरिया की कालाबाजारी पर जांच शुरू कर दी है। जिन निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उन्हें कोई भी थोक विक्रेता यूरिया नहीं देगा। इसकी समय-समय पर जांच की जाएगी।

अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी मामले में पुलिस की धरपकड़ के साथ-साथ कृषि विभाग की ओर से भी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। शुरुआती जांच के आधार पर कालाबाजारी में संलिप्त रहे चार निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि उनकी ओर से आदेश जारी किया गया है कि जिन निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किये गए हैं, उन्हें कोई भी थोक विक्रेता यूरिया नहीं देगा। अन्यथा की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप भोकरहेड़ी, पारस फर्टीलाइजर्स एजेंसी मजलिसपुर तौफीर, शिव शक्ति पेस्टीसाइड भोकरहेड़ी एवं ओम शांति कृषि सेवा केंद्र भोकरहेड़ी के लाईसेंस निरस्त किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि निजी उर्वरक विक्रेता एग्री जंक्शन सीताबपुरी का लाइसेंस भी निलंबित कर नोटिस जारी किया गया है। बताया कि रविवार को सीताबपुरी में की गई कार्रवाई के दौरान उक्त विक्रेता का प्रतिष्ठान बिना सूचना बंद मिला था। निरीक्षण के लिए फोन करने के बावजूद विक्रेता की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया।

स्टॉक जांचने प्रतिष्ठानों पर उतरे कंपनी प्रतिनिधि
अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी को लेकर पुलिस और कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद उर्वरक का उत्पादन करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जनपद में 500 से अधिक निजी विक्रेताओं को उर्वरक सप्लाई करने वाली कंपनी इफ्को, कृभको, यारा, केएफएल, एनपीएल, आईपीएल सहित करीब 10 कंपनियों के प्रतिनिधियों की ओर से अलग-अलग गांव में जाकर स्टॉक की जांच की जा रही है।

निजी दुकानों पर घटने लगी यूरिया की बिक्री
जांच में यह भी सामने आया है कि कालाबाजारी मामले में निरस्त की गई पारस फर्टीलाइजर्स एजेंसी मजलिसपुर तौफीर से स्टॉक हटा लिया गया है। पुलिस कार्रवाई के बाद से निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठान पर बिक्री में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट सामने आई है।

ऐसे पकड़ी गई थी यूरिया की कालाबाजारी
एक जून की रात को जानसठ थाना पुलिस ने कवाल पुल के नीचे चेकिंग के दौरान दो गाड़ियों से कालाबाजारी के लिए ले जाया जा रहा 454 बैग किसानों का अनुदानित यूरिया बरामद किया था। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को भी मौके से गिरफ्तार किया था। जिनका चालान कर दिया गया था। गिरफ्तार हुए आठ आरोपियों में तीन निजी उर्वरक विक्रेता भी शामिल थे। जिन पर अनुदानित यूरिया एकत्र कर उसे महंगे दामों पर हरियाणा की फैक्टरियों में सप्लाई करने का आरोप था।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को मुख्य सप्लायर संजय निवासी खानपुर जनपद हरिद्वार एवं मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर सुंदर देव कपिल निवासी करहेड़ा थाना भोपा को भी गिरफ्तार कर लिया था। जबकि रविवार को कृषि विभाग ने आरोपियों की ओर से उत्तराखंड बॉर्डर के समीप जनपद के गांव सीताबपुरी में बनाए गए अवैध गोदाम पर छापा मारकर वहां से 250 बैग यूरिया बरामद किया था।