मुजफ्फरनगर में भी बाढ से भारी नुकसानः खेतों में भरा पानी-जानें पूरी खबर

Heavy damage due to flood in Muzaffarnagar too: Fields filled with water - know the full news

मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जनपद मुजफ्फरनगर के शुक्र तीर्थ खादर क्षेत्र में बहने वाली सोलानी नदी इस समय उफान पर है। बीते पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे खेत, खलियान और ग्रामीण मार्ग जलमग्न हो गए हैं।

गांवों में घुसते पानी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी मार उन किसानों पर पड़ी है जिनकी हजारों बीघा गन्ने की फसल पूरी तरह से पानी में डूब चुकी है। वहीं, पशुओं के लिए चारे की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात वर्ष 2013 की बाढ़ जैसे बनते जा रहे हैं। खादर क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। कई रास्तों पर दो से तीन फीट तक पानी भर चुका है, जिससे लोगों का आवागमन ठप हो गया है।

खेती-किसानी से जुड़े गुरमीत सिंह ने बताया कि उनका लगभग आधा खेत पानी में डूब गया है। उनका कहना है कि “जिसके पास 10 बीघा ज़मीन थी, उसकी आधी फसल पूरी तरह खत्म हो गई है। गरीब किसान कहां जाएं? सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और तत्काल मुआवजा देना चाहिए।”

बाढ़ के हालात को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। एडीएम गजेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि जनपद में अब तक 23 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि एक मकान पूर्ण रूप से ढह चुका है, जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ितों को अनुमन्य सहायता राशि जल्द ही उनके खातों में भेजी जाएगी।

जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के तहत जनपद में 10 बाढ़ चौकियां और 16 शरणस्थल स्थापित किए हैं। फसलों के नुकसान का भी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। यदि नुकसान अनुमन्य सीमा से अधिक पाया जाता है, तो किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।

एडीएम ने नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी मकान में दरारें या गिरने की स्थिति बन रही हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। साथ ही तेज बारिश या तेज हवा की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें और पेड़ों की आड़ लेने से परहेज करें।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि गांवों के भीतर पानी नहीं घुसा है, लेकिन ग्रामीणों की मानें तो बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है और किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।