मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित कूकड़ा चौकी बुधवार को उस समय हंगामे का केंद्र बन गई, जब पुलिस कार्रवाई से नाराज पीड़ित परिवारों ने चौकी परिसर में ही विरोध शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिसकर्मी ऋतिक नाम के युवक को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उसकी मां बेटे को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों से भिड़ गई। मां की चीख-पुकार और मौके पर बन रहे वीडियो के बीच चौकी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चाऊमीन ठेले के विवाद से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, ऋतिक कूकड़ा चौक पर सूरज जैन की दुकान के बाहर चाऊमीन का ठेला लगाता है। उस पर सूरज जैन के करीब 6 हजार रुपए और पवन नाम के युवक के करीब 7 हजार रुपए उधार बताए गए हैं।
आरोप है कि बुधवार को पवन अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा और पैसे मांगने को लेकर ऋतिक से विवाद करने लगा। ऋतिक ने कुछ दिन की मोहलत मांगी, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर उसका ठेला खींचकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
महिला से भी धक्का-मुक्की का आरोप
शोर सुनकर मौके पर पहुंचीं सूरज जैन की पत्नी के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद ऋतिक ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को पकड़कर कूकड़ा चौकी ले आई, लेकिन पीड़ित परिवारों का आरोप है कि कार्रवाई आरोपियों पर करने के बजाय पुलिस उन्हीं पर सख्ती दिखाने लगी।
नाबालिग बेटे को पीटने का आरोप
सूरज जैन और उनकी पत्नी का आरोप है कि चौकी के अंदर उनके 13 वर्षीय बेटे के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। परिवार का कहना है कि सेकेंड चौकी इंचार्ज आकाश ओझा समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने बच्चे को फट्टे से पीटा, जिससे उसकी कोहनी में चोट आई। परिजनों के मुताबिक, उनका बेटा सिर्फ अपने माता-पिता के साथ चौकी गया था, लेकिन उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
‘चार घंटे बैठाकर रखा, आरोपी बच निकले’
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें करीब चार घंटे तक चौकी में बैठाकर रखा गया, जबकि दूसरी तरफ आरोपी पक्ष पुलिस से सांठगांठ कर बच निकला। इसी बात को लेकर चौकी में माहौल गर्म हो गया और परिवारों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
कैमरे ऑन होते ही बदले तेवर
हंगामे की सूचना पर कुछ मीडियाकर्मी भी चौकी पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कैमरे ऑन होते ही पुलिस का रवैया नरम पड़ गया। सूत्रों का कहना है कि मामला बढ़ता देख पुलिस ने आरोपी पक्ष पर कार्रवाई शुरू की, लेकिन पवन और उसके साथी का केवल शांतिभंग में चालान किया गया।
इलाके में नाराजगी, वीडियो आया सामने
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपियों ने एक गरीब युवक की रोजी-रोटी छीनने की कोशिश की, उसके साथ मारपीट की और महिला के साथ अभद्रता भी की। इसके बावजूद मामूली कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। घटना के बाद चौकी पुलिस की कार्यशैली को लेकर इलाके में नाराजगी है। वहीं चौकी में रोती मां और पुलिस से बहस करते परिवारों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
चौकी इंचार्ज बोले- आरोप निराधार
प्रभारी चौकी इंचार्ज आकाश ओझा ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के दो लोगों का चालान किया गया है और किसी के साथ मारपीट नहीं की गई।