सोमवार को तहसील जानसठ के सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों का अंबार लग गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा मौजूद रहे।
इस दौरान जनता ने राशन कार्ड, भूमि विवाद, नगर पालिका व नगर पंचायत की कार्यप्रणाली, राजस्व, श्रम विभाग, पेंशन, बिजली और सड़क संबंधी समस्याएं रखीं।
लेकिन कुल 35 शिकायतों में से केवल 2 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
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जिलाधिकारी का सख्त रुख
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने शिकायतों के धीमे निस्तारण और पुरानी लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह में सुधार नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने आदेश दिया कि शिकायत निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फोन पर फीडबैक लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों का निस्तारण अधिकारी खुद मौके पर जाकर करें।
पारदर्शिता और फीडबैक पर जोर
डीएम ने कहा कि यदि किसी शिकायत का निस्तारण संभव नहीं है, तो उसके कारणों की जानकारी शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से दी जाए।
साथ ही, शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने और मौके की फोटो अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया।
मौजूद रहे अधिकारी
इस अवसर पर जिले के अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्हें शिकायतों का निष्पक्ष और गुणवत्तापरक निस्तारण करने का आदेश दिया गया।
बुढ़ाना तहसील
8 सितंबर को तहसील बुढ़ाना परिसर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 23 शिकायतें आईं, जिनमें से 6 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया।
शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए एसडीएम अपूर्वा यादव ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए।
इस मौके पर किसान मजदूर संगठन ने किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा और 15 सितंबर को गांव बड़ौदा में पंचायत आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने मांग की कि पंचायत में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।
मौजूद रहे अधिकारी
दोनों तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस पर तहसीलदार महेंद्र यादव, सीओ गजेंद्र पाल सिंह, रुपाली राव और ऋषिका सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।