मुजफ्फरनगर। लगातार तीन दिन की भारी बरसात ने नगर पालिका के दावों और इरादों की पोल कर रख दी। अनियोजित विकास और नाला सफाई के खोखले दावों ने शहर की सूरत बिगाड़ दी। गली-मुहल्लों में जलभराव से सड़क तालाबों में तब्दील हो गई। नालों का गंदा पानी घरों में घुस गया। यही हाल बाजारों का रहा। पालिका का बरसात से निपटने वाला बजट पानी में बह गया।
नगर पालिका अधिकारियों के साथ चेयरपर्सन, प्रशासनिक अधिकारियों ने बरसात से पहले सभी व्यवस्था मुकम्मल होने का दम भरा था, लेकिन मानसून की पहली बरसात में ही दावे बह गए। पालिका और प्रशासन जल निकासी के लिए टेबल मैच खेलते रहे, लेकिन जलभराव की समस्या ने सबको क्लीन बोल्ड कर दिया।
नगर पालिका, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और जल निगम ने मिलकर जल निकासी को मजबूत बनाने की योजना पर काम किया, मगर गुरुवार को शहर के हालात ने बता दिया कि हुक्मरान कितनी गति और सुनियोजित ढंग से विकास का ताना-बाना बुन रहे हैं। अधिकारियों की करनी और कथनी में फर्क साफ दिखाई दिया।
बरसात में जल निकासी को रास्ता नहीं मिलने से शहर की सड़क, गली-मुहल्ले तलैया बन गए। सबसे अधिक जलभराव की समस्या खालापार, रामपुरी, लद्दावाला, सुजड़ू, किदवई नगर, गांधी कालोनी, अंबा विहार, साकेत कालोनी, दक्षिणी कृष्णापुरी, मिमलाना रोड, शांति नगर, नई मंडी में दिखी। इन क्षेत्रों में घुटने से ऊपर तक जलभराव हो गया।
इस कारण अधिकांश मकानों, दुकानों के भीतर गंदा पानी घुसने से सामान खराब हो गया। जलभराव में दाेपहिया, चाैपहिया वाहन फंसने से लोग पानी में खड़े हो गए। दावा है कि पालिका ने लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक बजट नाला सफाई पर खर्च किया, लेकिन भूमिगत नाले साफ नहीं हो पाए।
राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने लिया जायजा
बरसात के दौरान रामलीला टिल्ला में जलभराव के कारण गंदा पानी घरों में घुस गया। सभासद रजत धीमान लोगों के साथ जलभराव में खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। उसके बाद राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने पालिका ईओ पवन कुमार, सहायक अभियंता जलकल नेपाल सिंह समेत अधिकारियों के साथ रामलीला टिल्ला का जायजा लिया।
यहां पर सीएनडीएस, जल निगम मिलकर नाला निर्माण कर रहे हैं, लेकिन निर्माण इतना धीमा है कि आधा नाला भी नहीं बन सका। इससे यहां जल निकासी की रफ्तार मंद पड़ गई। लोगों ने मंत्री के समक्ष समस्या रखी। लोगों ने मंत्री से सवाल किया जब काॅलोनी डूब तब आने का क्या फायदा। जल निकासी का इंतजाम पहले कर दिया होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता।
जलभराव में फंस गए वाहन, खींचकर निकाले
बरसात के दौरान सर्कुलर रोड और परिक्रमा मार्ग पर श्रीराम स्कूल, वसुंधरा रेजिडेन्सी कालोनी के सामने जलभराव हो गया। स्थिति ऐसी रही कि सड़क के दोनों ओर जाम लग गया। गुरुवार सुबह डीएस पब्लिक स्कूल में बच्चों की परीक्षा दिलाने आए अभिभावकों के स्कूटर, बाइक और कार तक फंस गई। जलभराव में कार बंद हो गईं और स्कूटर थम गए।
इन्हें जंजीर, रस्सों से बांधकर बाहर निकाला गया। यही हाल दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर घासीपुरा गांव के सामने रहा। हाईवे पर जलभराव में वाहन रेंगते हुए नजर आए।
रुड़की रोड पर आवागमन बंद
जलभराव और दोनों तरफ नाले ओवरफ्लो होने से रुड़की रोड पर आवागमन प्रभावित हो गया। हाईवे और शहर को जोड़ने वाले फ्लाईओवर से लेकर लद्दावाला मुहल्ले तक मुख्य मार्ग पर जलभराव रहा। इससे 20 से अधिक काॅलोनियों में आने-जाने के दौरान लोगों को समस्या हुई। जलभराव में गिरकर बच्चे और बुजुर्ग चोटिल हो गए।