Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मौजूद मदरसा महमूदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मौलाना एक जलसे के दौरान मुस्लिम माता-पिता को संबोधित करते हुए दिख रहे हैं, और स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं. उनका दावा है कि आधुनिक शिक्षण संस्थानों में “बच्चों का ईमान सुरक्षित नहीं है” और वहां दी जाने वाली शिक्षा बच्चों को उनकी धार्मिक पहचान से दूर कर सकती है.
वीडियो में मौलाना को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कई माता-पिता खुशी-खुशी अपने बच्चों को अच्छे कपड़े पहनाकर स्कूल भेजते हैं, यह सोचकर कि उनका बच्चा आधुनिक और “सभ्य” बन जाएगा, लेकिन वे अपने बच्चों के धार्मिक विश्वासों और नैतिक मूल्यों पर पड़ने वाले असर के बारे में नहीं सोचते. उन्होंने खास तौर पर बेटियों की शिक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि कई माता-पिता अपनी बेटियों को ऐसे स्कूलों और कॉलेजों में भेजते हैं जहां न तो उनके ईमान की रक्षा होती है और न ही उनकी इज्जत की.
शादी को लेकर मुस्लिम मौलाना का दलील
मौलाना ने मुस्लिम समुदाय की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि लोग शादियों पर लाखों रुपये खर्च करते हैं लेकिन अपने समुदाय के लिए स्कूल और कॉलेज बनाने पर ध्यान नहीं देते. उन्होंने तर्क दिया कि जब माता-पिता अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिलाते हैं, तो उन्हें संस्थानों के नियम और शर्तों पर साइन करने पड़ते हैं, तो बाद में बच्चों की शिक्षा या पहनावे पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं?