मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के जानसठ थाना क्षेत्र के राजपुर कला गांव में दलित परिवार पर हुए हमले के मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष एससी-एसटी कोर्ट ने सोमवार को तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 35 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया।
14 फरवरी 2023 को पुरानी रंजिश के चलते मोहित, उसके पुत्र राजेंद्र और साथी वीरेंद्र ने संजीव बाल्मीकि के घर पर हमला कर दिया था। पिस्टल और बंदूक से की गई फायरिंग में संजीव की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, उनके तीन बच्चे मोहित, शीर्ष और वंदना गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अदालत का फैसला
न्यायाधीश आशा रानी सिंह की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने मोहित और राजेंद्र को आर्म्स एक्ट में भी दोषी मानते हुए क्रमशः 4,000 और 7,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया।
डीजीसी राजीव शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता परविंदर कुमार सिंह और विशेष अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा ने जोरदार पैरवी की थी। अदालत का यह फैसला जातिगत हिंसा के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है।
सचिन का बहनोई है दोषी मोहित चौधरी
जानकारी के मुताबिक उम्रकैद की सजा पाने वाला मोहित चौधरी 27 अगस्त 2013 को कवाल कांड में मारे गए सचिन का बहनोई है। सचिन की बहन की शादी राजपुर कला निवासी मोहित से हुई थी। वारदात के बाद उस समय भी गांव में भारी तनाव फैल गया था और पुलिस ने कई महिलाओं को हिरासत में लिया था।