मुजफ्फरनगर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण इलाकों में तबाही मचा दी है। गरीब किसानों और मजदूरों के कच्चे मकान एक के बाद एक धराशायी हो रहे हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। अब तक प्रशासन की ओर से ठोस कदम न उठाए जाने पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने नाराजगी जताई है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सर्वे कर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता नहीं दी गई, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे और जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।
ककरौली थाना क्षेत्र के गाँव बेहडां सादात निवासी सुबोध कुमार पुत्र सीताराम का कच्चा मकान बुधवार रात भारी बारिश में अचानक गिर गया। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य – पत्नी पिंकी और बच्चे दीपक, कुणाल व तानिया – बारिश के कारण घर के बाहर बैठे थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, घर का फर्नीचर, बिस्तर, बर्तन और अन्य ज़रूरी सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। इस हादसे के बाद परिवार पूरी तरह बेघर हो गया और अब उन्होंने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
इसी तरह, चरथावल क्षेत्र के ग्राम हरनाकी में शुक्रवार को दुष्यंत पुत्र ओमपाल का मकान भरभरा कर गिर गया। परिवार किसी तरह जान बचाने में सफल रहा, लेकिन उनका अधिकांश घरेलू सामान मलबे में दब गया। वहीं ग्राम ज्ञान माजरा राजपूतान में सोमपाल पुत्र जनक सिंह का मकान भी भारी बरसात की मार झेल नहीं सका और ढह गया।
भाकियू नेता विकास शर्मा ने कहा कि चरथावल क्षेत्र सहित जिले के कई गांवों में कच्चे मकान गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, मगर अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई सर्वे टीम मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमा-पूंजी से बने आशियाने मलबे में तब्दील हो गए हैं और खेतों में खड़ी फसलें भी जलभराव से चौपट हो गई हैं। विकास शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही त्वरित सर्वे कर पीड़ित परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराई गई, तो भाकियू और ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।