मुजफ्फरनगर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने कुख्यात बदमाश और पुरकाजी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति विनय त्यागी उर्फ टिंकू त्यागी की मौत हो गई है। ऋषिकेश एम्स के ट्रॉमा सेंटर में तीन दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद शनिवार सुबह विनय त्यागी ने अंतिम सांस ली। बुधवार को लक्सर (हरिद्वार) में पेशी पर ले जाते समय बदमाशों ने पुलिस के घेरे को चीरते हुए विनय पर गोलियां बरसाई थीं। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
जाम में फंसी वैन और ताबड़तोड़ फायरिंग
घटनाक्रम के अनुसार, रुड़की जेल में बंद विनय त्यागी को बुधवार को एक धोखाधड़ी के मामले में एसीजेएम कोर्ट लक्सर में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। सरकारी वाहन में छह पुलिसकर्मी मौजूद थे। जैसे ही वाहन लक्सर बाईपास फ्लाईओवर पर पहुंचा, वहां लगे भारी जाम के कारण पुलिस की गाड़ी रुक गई। घात लगाकर बैठे दो बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने मौका देखते ही गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
तीन गोलियां विनय त्यागी के सीने और पेट में लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर गाड़ी के भीतर ही गिर पड़ा। इस हमले में सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। बदमाश सरेराह हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घायल विनय को पहले लक्सर सीएचसी ले जाया गया और फिर हालत नाजुक होने पर ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया, जहां शनिवार सुबह 7 बजे एम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शीलॉय मोहंती ने उसकी मौत की पुष्टि की।
तीन गोलियां विनय त्यागी के सीने और पेट में लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर गाड़ी के भीतर ही गिर पड़ा। इस हमले में सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। बदमाश सरेराह हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घायल विनय को पहले लक्सर सीएचसी ले जाया गया और फिर हालत नाजुक होने पर ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया, जहां शनिवार सुबह 7 बजे एम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शीलॉय मोहंती ने उसकी मौत की पुष्टि की।
अपराध की दुनिया से सियासत का गलियारा
मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव खाईखेड़ी का रहने वाला विनय त्यागी महज एक अपराधी नहीं था, बल्कि उसका दखल राजनीति और रियल एस्टेट में भी गहरा था।
अपराधिक रिकॉर्ड: विनय पर हत्या, अपहरण, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट के लगभग 60 मुकदमे दर्ज थे। उसका नाम पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधियों जैसे बदन सिंह बद्दो और भूपेंद्र बाफर के साथ भी जुड़ता रहा।
सियासी दबदबा: अपराध के साथ-साथ विनय ने सत्ता के गलियारों में भी अपनी पकड़ मजबूत की। उसने अपनी पत्नी निशि त्यागी को वर्ष 2005 और 2016 में दो बार पुरकाजी का ब्लॉक प्रमुख बनवाया। वह खुद भी देवबंद सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुका था।
प्रॉपर्टी विवाद: मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में विवादित जमीनों के मामलों में विनय का सीधा दखल माना जाता था।
750 करोड़ की ‘चोरी’ और बड़ी साजिश का दावा
विनय की मौत के बाद उसके परिवार ने उत्तराखंड पुलिस और उसके विरोधियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।उसकी बहन सीमा त्यागी और बेटी तन्वी भारद्वाज ने इस हमले को ‘सुनियोजित हत्या’ करार दिया है। परिजनों का दावा है कि देहरादून में हुई 750 करोड़ रुपये की चोरी के मामले में विनय कई बड़े सफेदपोशों के राज खोलने वाला था। उन्हें डर था कि विनय ईडी या अन्य एजेंसियों के सामने बयान दे देगा, इसलिए उसे रास्ते से हटा दिया गया। परिवार ने गाजियाबाद के एक रसूखदार ठेकेदार सुभाष त्यागी पर साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया है।
विनय की बेटी तन्वी भारद्वाज ने पहले ही अपनी आशंका जाहिर करते हुए जेल प्रशासन को पत्र लिखा था कि उनके पिता की जान को खतरा है। तन्वी ने भी गाजियाबाद के एक बड़े ठेकेदार सुभाष त्यागी पर ही इस पूरी साजिश को रचने का सीधा आरोप लगाया है।
दरअसल देहरादून के डॉक्टर प्रमोद त्यागी ने मुकदमा लिखाया था कि उसके घर में खड़ी कार में जेवरात और नकदी थी, जिसकी चोरी की उन्होंने शिकायत की थी। परिजनों के मुताबिक ये सारा माल ठेकेदार सुभाष त्यागी का था। उसने ED से बचने को देहरादून में डॉक्टर के यहां छिपाया था। विनय त्यागी को इस बात की जानकारी हुई। विनय और ठेकेदार की पुरानी रंजिश थी। इसलिए विनय ने पूरा माल चुराया और वो ED को सौंपने जा रहा था। रास्ते में ही देहरादून पुलिस ने विनय को पत्नी सहित दबोच लिया था।
मेरठ में होगा अंतिम संस्कार, पुलिस अलर्ट
एम्स प्रशासन द्वारा सुबह करीब 7 बजे विनय को मृत घोषित किए जाने के बाद हरिद्वार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। मुजफ्फरनगर के खाईखेड़ी गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, परिजनों ने निर्णय लिया है कि विनय त्यागी की अंतिम क्रिया मेरठ में संपन्न की जाएगी।
शनिवार रात ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन विनय का शव लेकर जैसे ही घर से निकले तो चीख-पुकार मच गई। महिलाओं ने चिल्लाते हुए कहा-हमारा लड़का शेर था। अगर सामना करते तो आज विनय जिंदा रहता। लेकिन उसे धोखे से चार पुलिस वालों ने घेरकर मार दिया। विनय के अंतिम संस्कार में 300 से अधिक लोग शामिल होने पहुंचे। रिश्तेदार और पैतृक गांव से भी लोग आए थे।
पुलिस ने इस मामले में 28 वर्षीय सन्नी यादव उर्फ शेरा और 24 वर्षीय अजय पुत्र कुंवर सैन दोनों निवासी काशीपुर, ऊधम सिंह नगर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों हार्डकोर क्रिमिनल हैं, जिन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।