पश्चिमी यूपी को मिली विकास की रफ्तार: 3500 करोड़ में बनेगा मेरठ-मुजफ्फरनगर हाईवे

Meerut-Muzaffarnagar NH-58: उत्तर प्रदेश के मेरठ-मुजफ्फरनगर एनएच-58 होगा छह लेन बनेगा.जिससे दिल्ली–देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है.जाम, दुर्घटनाओं और अव्यवस्थित कटों से जूझ रहे इस व्यस्त हाईवे का अब व्यापक कायाकल्प होने जा रहा है.

जानें कितने लागत में बनेगा ?
मेरठ के परतापुर बाईपास से मुजफ्फरनगर बाईपास तक करीब 80 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को छह लेन का बनाया जाएगा. इस परियोजना पर लगभग 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे. कंसल्टेंसी कंपनी एफपी इंडिया ने हाईवे के एलाइनमेंट की सर्वे रिपोर्ट भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दी है.

बढ़ता ट्रैफिक, बढ़ती मुश्किलें
एनएच-58 पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. हाईवे के दोनों ओर तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों, शैक्षणिक संस्थानों और बाजारों के कारण जगह-जगह वैध और अवैध कट बन गए हैं. परतापुर से मुजफ्फरनगर बाईपास के बीच करीब 22 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां अक्सर जाम और सड़क हादसे होते हैं. इनमें वेदव्यासपुरी, सुभारती विश्वविद्यालय, खड़ौली भोला रोड, दायमपुर, जटौली और कृषि विश्वविद्यालय के सामने के कट प्रमुख हैं.

अंडरपास से मिलेगी जाम से राहत
नई योजना के तहत इन सभी चौराहों और डिवाइडर कटों को बंद किया जाएगा. इसके स्थान पर 20 से 22 नए अंडरपास बनाए जाएंगे, ताकि हाईवे पर ट्रैफिक बिना रुके सुचारु रूप से चलता रहे. वर्तमान में एनएच-58 पर 17 पुराने अंडरपास हैं, लेकिन बढ़ते यातायात को देखते हुए इनकी संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है. इससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है.

एलिवेटेड रोड और सर्विस रोड की योजना
परियोजना में तीन प्रमुख स्थानों पर एलिवेटेड रोड का भी प्रस्ताव है. मेरठ में सुभारती विश्वविद्यालय के सामने करीब 3.5 किलोमीटर, खड़ौली भोला रोड रजबहा पर 3.3 किलोमीटर और मंसूरपुर मार्केट क्षेत्र में लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी. इसके साथ ही हाईवे के दोनों ओर 7.5–7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड विकसित होंगी, जिससे स्थानीय और मुख्य ट्रैफिक को अलग किया जा सकेगा.

कारोबार को मिलेगा लाभ
जानकरी के मुताबिक, इस परियोजना से न केवल दुर्घटनाएं कम होंगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी.यात्रा समय घटेगा और एनएच-58 आधुनिक, सुरक्षित और सुगम कॉरिडोर के रूप में उभरेगा।