8th pay Commission : 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और अन्य शेयर होल्डर से ऑनलाइन डेटा जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भेजी गई जानकारी ही स्वीकार की जाएगी. किसी भी प्रकार के ईमेल, हार्ड कॉपी, एक्सेल शीट या भौतिक दस्तावेजों पर विचार नहीं किया जाएगा.
हर 10 वर्ष में गठित होने वाला वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन संबंधी महत्वपूर्ण सिफारिशें तैयार करता है. 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनभोगी प्रभावित होंगे.
कौन जमा कर सकता है डेटा?
आयोग के अनुसार, मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय संगठनों, केंद्र शासित प्रदेशों, रक्षा बलों, अखिल भारतीय सेवाओं, कर्मचारी संघों, पेंशनभोगी संगठनों और अन्य संबंधित शेयर होल्डर से डेटा मांगा गया है.
डेटा कैसे जमा करें?
डेटा जमा करने के लिए हितधारकों को 8वें वेतन आयोग के ऑनलाइन डेटा पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके लिए ईमेल आईडी और कैप्चा के माध्यम से लॉगिन करना आवश्यक है. सभी जानकारी केवल ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही स्वीकार की जाएगी.
क्या है अंतिम तारीख?
आयोग ने डेटा जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की है. इसके बाद किसी भी प्रकार की प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी.
सुझाव और मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया बंद
आयोग ने सुझाव और मेमोरेंडम जमा करने की समयसीमा 15 जून 2026 को समाप्त कर दी है. इससे पहले समयसीमा को दो बार बढ़ाया गया था.
विभिन्न शहरों में होगी शेयर होल्डर से चर्चा
लखनऊ: 22-23 जून 2026
भुवनेश्वर: 6-7 जुलाई 2026
कोलकाता: 9-10 जुलाई 2026
इन बैठकों में आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, मंत्रालयों और पेंशनभोगी समूहों के साथ चर्चा करेगा.
कब आएंगी अंतिम सिफारिशें?
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग से उम्मीद है कि वह लगभग 18 महीनों के भीतर अपनी अंतिम सिफारिशें सौंप देगा. ऐसे में फरवरी 2027 तक रिपोर्ट आने की संभावना है. हालांकि, सिफारिशों को लागू होने में 2 से 3 वर्ष का समय लग सकता है, जिससे वेतन और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी का लाभ 2029 या 2030 तक मिल सकता है.