PM के फोन पर आधी रात को बजा ‘डरावना’ सायरन, घबराकर सरकार ने तुरंत बंद की यह सरकारी सर्विस!

Emergency Alert Stop: क्या आपका फोन भी पिछले कुछ दिनों में अचानक अजीब सी बीप की आवाज के साथ एक इमरजेंसी मैसेज फ्लैश हुआ था? अगर हां, तो ऐसे सिर्फ आपके साथ नहीं हुआ है. दरअसल सरकार ने किसी भी इमरजेंसी में लोगों के पास अलर्ट भेजने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का टेस्ट किया था, जो पूरी तरह सफल हुआ. लेकिन अब अचानक सरकार ने सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने एक आदेश जारी करते हुए बताया कि सक्षम अधिकारियों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों के कारण इस सेवा को अभी होल्ड पर रखा गया है. हालांकि, सरकार ने इसके बंद होने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सर्विस को रोकने के पीछे एक बहुत ही चौंकाने वाली वजह सामने आ रही है. दरअसल हरियाणा और उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन इकाइयों द्वारा आधी रात को एक मॉक अलर्ट जारी किया गया था. द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार यह अलर्ट सीधे प्रधानमंत्री के संपर्क नंबर पर भी पहुंच गया, जिसके बाद हड़कंप मच गया.

इस अलर्ट सिस्टम की खास बात यह है कि यह इतना पावरफुल होता है कि फोन चाहे साइलेंट मोड पर हो या फिर स्विच ऑफ ही क्यों ने हो, फोन में तेज सायरन जैसी आवाज बजने लगती है. आमतौर पर ऐसे इमरजेंसी सिस्टम से देश की वीआईपी और महत्वपूर्ण हस्तियों के नंबरों को दूर रखा जाता है, लेकिन इस बार चूक हो गई और ऐसा नहीं हो पाया. NDMA के सलाहकार ऑपरेशन्स कर्नल के.पी. सिंह से जब बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

क्या है यह सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम?
इस हाई-टेक सिस्टम को DoT और NDMA ने मिलकर बनाया है, जिसे इसी साल 2 मई को लॉन्च किया गया था. यह नॉर्मल SMS की तरह नहीं होता है. यह फोन के हार्डवेयर के जरिए काम करता है और नए स्मार्टफोन्स में पहले से ऑन रहता है. इसके लिए इंटरनेट की भी जरूरत नहीं होती है. इसके जरिए किसी खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ, रियल-टाइम में आपदा की चेतावनी भेजी जा सकती है.

अब तक इस सिस्टम से 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में बाढ़, तूफान और भारी बारिश जैसे रेड-ऑरेंज अलर्ट का ट्रायल हो चुका है. हाल ही में 6 जून को इसे केरल में भी पूरी तरह एक्टिव किया गया था.

अचानक बंद होने से ये खतरा
इस सर्विस के अचानक बंद होने से एक्सपर्ट्स चिंतित हैं. अधिकारियों का कहना है कि एक सफल सर्विस को अचानक बंद करने से इसकी विश्वसनीयता पर असर पड़ता है. लोग मुसीबत के समय इस सरकारी अलर्ट के भरोसे बैठ सकते हैं, और ऐसे में सर्विस का बंद होना किसी बड़े संकट में भारी पड़ सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ तकनीकी मुद्दों को ठीक करने के बाद उसे फिर से शुरू किया जा सकता है.