US vs EU Tech War: टेक्नोलॉजी को लेकर शुरू हुआ नया विवाद अब बड़ा रूप लेता जा रहा है. अमेरिका की टेक कंपनी Google और Meta पर हो रहे एक्शन को लेकर अमेरिका ने सख्त चेतावनी जारी कर दी है. यूरोपीय यूनियन द्वारा लगाए गए भारी जुर्मानों से अमेरिका नाराज हो गया है और सख्त पलटवार की चेतावनी दी है. अमेरिकी ट्रेड एजेंसी का कहना है कि अगर अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ यूरोपीय संघ (EU) के कड़े नियम जारी रहे तो यूरोप देश की बड़ी कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है.
अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच डिजिटल नियमों को लेकर ठन गई है! अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी USTR ने यूरोपीय संघ को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर गूगल, Apple और Meta जैसी अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण एक्शन नहीं रोका गया तो अमेरिका भी यूरोपीय टेक कंपनियों पर बड़े प्रतिबंध लगाएगा.
अब जानिए क्या है पूरा मामला?
अमेरिका इस बात से काफी ज्यादा नाराज है कि यूरोपीय संघ अपने सख्त नियम के जरिए अमेरिकी टेक कंपनियों पर भारी जुर्माना और टैक्स लगा रहा है. हाल ही में एलन मस्क की कंपनी X लगे 140 मिलियन डॉलर के जुर्माने ने इस आग में घी डालने का काम किया है. जिसके बाद ही USTR ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए चेतावनी दी है. अमेरिका का कहना है कि अमेरिकी कंपनियां यूरोप के नागरिकों को फ्री सर्विस के साथ साथ लाखों नौकरियां देती हैं लेकिन उसके बदले में उन्हें सिर्फ उत्पीडन और कानूनी मुकदमों का ही सामना करना पड़ता है.
अमेरिका की हिट लिस्ट में ये कंपनियां शामिल
USTR ने साफ तौर पर उन यूरोपीय कंपनियों के नाम लिए हैं जो अमेरिका में बिना किसी रोक-टोक के अपना कारोबार चला रही हैं. इसको लेकर अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह इन कंपनियों पर भारी फीस या फिर प्रतिबंध भी लगा सकता है. इनमें शामिल है ये कंपनियां-
यूरोपीय संघ ने भी दे दिया अपना जवाब
इस हमले को लेकर यूरोपीय आयोग के स्पोकपर्सन थॉमस रेनियर ने अमेरिका के इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि हमारे नियम सभी कंपनियों पर समान रूप से लागू होते हैं. हम बिना किसी भेदभाव के अपने नियमों को लागू करना ऐसी ही जारी रखेंगे.