India Helps Afghanistan Earthquake Victims News: अफगानिस्तान में 31 अगस्त की देर रात को आए भूकंप ने बड़ी तबाही मचाई है. इस भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. अफ़ग़ान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक, पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप में अब तक 1400 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है. जबकि 3251 लोग घायल हुए हैं. इस भूकंप से कुनार प्रांत में 8 हजार से ज्यादा रिहायशी घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं.
संकट में अफगानिस्तान के साथ खड़ा हुआ भारत
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए काम कर रहे हैं और यह संख्या अभी और बढ़ सकती है. इस संकट की घड़ी में जहां बाकी देश महज जुबानी हमदर्दी जताकर औपचारिकता निभा रहे हैं. वहीं भारत एक सच्चे दोस्त की तरह फिर साथ खड़ा हो गया है. एससीओ समिट में शामिल होने के लिए चीन पहुंचे पीएम मोदी ने सोमवार को वहीं से एक्स पर पोस्ट करके अफगानिस्तान में आए विनाशकारी तूफान पर गहरा दुख जाहिर किया था. साथ ही दुख की इस घड़ी में भारत के पूरी तरह साथ खड़े होने का ऐलान किया था.
पीएम मोदी और जयशंकर ने किया मदद का ऐलान
पीएम मोदी ने लिखा था, अफ़ग़ानिस्तान में आए भूकंप में हुई जान-माल की हानि से बेहद दुखी हूं. इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तैयार है. वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में भारत की मदद का आश्वासन दिया.
खाद्य सामग्री और टेंट भेजने का काम हुआ शुरू
जयशंकर ने इस मुद्दे पर अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्ताकी से बात करके जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने दुःख की इस घड़ी में अफ़ग़ानिस्तान के प्रति भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया और कहा कि पीड़ितों के लिए भारत खाद्य और राहत सामग्री भेजेगा.
जयशंकर ने कहा कि भारत ने काबुल में 1,000 पारिवारिक टेंट पहुंचाए हैं. इसके साथ ही भारतीय मिशन की ओर से काबुल से कुनार तक 15 टन खाद्य सामग्री भी पहुंचाई जा रही है. बुधवार से भारत की ओर से राहत सामग्री का एक और कंसाइनमेंट रवाना होगा. इस कठिन समय में भारत अफ़ग़ानिस्तान के साथ खड़ा है.”
तालिबान भी भारत की मदद का हुआ मुरीद
अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी मावलवी अमीर ख़ान मुत्ताकी और जयशंकर के बीच टेलीफ़ोनिक वार्ता की पुष्टि की. बयान के अनुसार, मुत्ताकी ने अफ़ग़ान लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मंत्री जयशंकर का धन्यवाद किया. साथ ही प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया. इस बीच बचाव दल सीमित संचार के साथ दूरदराज के इलाकों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं. साथ ही पीड़ितों को चिह्नित कर सहायता पहुंचाने का अभियान तेज किया जा रहा है.