भारत पर भरभरकर चीन ने अचानक लुटा दिया प्यार, अमेरिका को सीधा मैसेज..क्या बोले चीन के राजदूत?

China-India Trade Ties: एससीओ समिट के बाद भारत और चीन के रिश्ते काफी बेहतर हुए हैं. इस बीच, चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने सोमवार (8 सितंबर) को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने भारत और चीन के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने का आह्वान किया है. साथ ही, फेइहोंग ने दोनों देशों के बीच फिर से सीधी उड़ानें जल्द से शुरू होने की उम्मीद जताई है. उन्होंने एकसाथ काम करने की भी वकालत की. शू फेइहोंग ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें जल्द ही फिर से शुरू होने की उम्मीद है. हम लोगों के बीच आपसी संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए सियासी पार्टियों, लेजिसलेचर्स, थिंक टैंकों, मीडिया और नौजवानों समेत सभी क्षेत्रों में भारत के साथ आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए तैयार हैं.’

इसके अलावा शू ने कहा कि हम ज्यादा से ज्यादा भारतीय कंपनियों द्वारा अपने उत्पादों को बढ़ावा देने और चीन में इन्वेस्ट करने का स्वागत करते हैं और हम यह भी आशा करते हैं कि भारत चीनी उद्यमों के लिए एक न्यूट्रल, न्यायसंगत और गैर-भेदभावपूर्ण कारोबारी माहौल पेश कर सकेगा.

‘हमें दोस्ती को आगे बढ़ाना चाहिए’
चीनी राजदूत ने आगे कहा कि इस वक्त बदलाव तेजी से हो रहे हैं, एकतरफावाद और धौंस-धमकी की घटनाएं बढ़ रही हैं. और दुनिया उथल-पुथल और परिवर्तन के एक नए दौर में एंट्री कर चुकी है. इंसानियत को एक बार फिर अमन और जंग, संवाद और टकराव के बीच चुनाव करना है. उन्होंने कहा कि दो प्राचीन पूर्वी सभ्यताओं और प्रमुख विकासशील देशों के रूप में चीन और भारत को बड़ी ताकतों के रूप में एक वैश्विक नजरिए और जिम्मेदारी का पेश करना चाहिए. और विश्व शांति की रक्षा, साझा विकास को बढ़ावा देने और वैश्विक शासन में सुधार के लिए और ज्यादा योगदान देना चाहिए. इस मकसद के लिए सबसे पहले हमें दोस्ती को आगे बढ़ाना चाहिए.

‘टैरिफ और ट्रेड वॉर का कड़ा विरोध करना चाहिए’
चीनी अधिकारी ने शू ने कहा कि ‘हमें एक साथ मिलकर एक समान और सिस्टमिक मल्टीपोलर वर्ल्ड और यूनिवर्सल तरीके से लाभकारी और समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण की वकालत करनी चाहिए. किसी भी तरह की टैरिफ और ट्रेड वॉर का कड़ा विरोध करना चाहिए. संयुक्त रूप से मल्टीलेटरल ट्रेडिंग सिस्टम को बनाए रखना चाहिए. विकासशील देशों के साझा हितों की रक्षा करनी चाहिए और वैश्विक दक्षिण के सामूहिक उत्थान में योगदान देना चाहिए.