Trump New Tariffs : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पादों पर नई टैरिफ ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है. यह नया नियम 14 अक्टूबर 2025 से लागू होगा.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप घोषणा के मुताबिक, सॉफ्टवुड टिम्बर और लम्बर पर 10% ड्यूटी लगेगी. किचन कैबिनेट, वैनिटी और अपहोल्स्टर्ड वुड फर्नीचर पर 25% ड्यूटी लगाई जाएगी. वहीं, 1 जनवरी 2026 से कुछ तैयार लकड़ी प्रोडक्ट्स पर फीस और बढ़ाया जाएगा.
ये निर्णय अमेरिकी वाणिज्य विभाग की उस जांच के बाद लिया गया है जिसमें पाया गया कि विदेशी लकड़ी और फर्नीचर के अत्यधिक आयात से घरेलू उत्पादन और सप्लाई चेन को नुकसान पहुंच रहा है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि यह स्थिति अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रही है.
टैरिफ लगाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘Trade Expansion Act, Section 232’ का इस्तेमाल किया है. इस प्रावधान के तहत अमेरिका उन उत्पादों के आयात पर नियंत्रण लगा सकता है, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा माना जाता है.
घरेलू इंडस्ट्री और रोजगार को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका की घरेलू इंडस्ट्री और रोजगार को मजबूती देगा. लकड़ी से जुड़ी अमेरिकी कंपनियों और छोटे उद्योगों को इसका सीधा फायदा होगा. हालांकि, आलोचक मानते हैं कि इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगा फर्नीचर और लकड़ी उत्पाद खरीदना पड़ेगा, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है.
ट्रंप के इस फैसले ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है. कई निर्यातक देशों ने चिंता जताई है कि इस नीति से उनके व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा. आने वाले महीनों में यह फैसला अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है.
भारत पर संभावित असर
भारत से अमेरिका को हर साल लकड़ी आधारित फर्नीचर, कैबिनेट और तैयार उत्पादों का अच्छा-खासा निर्यात होता है. नए टैरिफ से भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ जाएगी, क्योंकि 10% से 25% तक का शुल्क अमेरिकी खरीदारों पर ट्रांसफर होगा. इसका असर भारतीय कंपनियों की मांग और ऑर्डर्स पर पड़ सकता है, जिससे कारोबार में कमी आने की संभावना है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम अमेरिका की घरेलू इंडस्ट्री और रोजगार को मजबूती देगा, लेकिन वैश्विक व्यापार और भारतीय निर्यातकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.