नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ग्रैप -4 की पाबंदियां हटने के बाद भी ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ का रूल रहेगा, यानी PUC सर्टिफिकेट न होने पर किसी भी गाड़ी को तेल नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में आम सहमति से यह फैसला लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ रूल 17 दिसंबर से दिल्ली में लागू है, तब से 2.35 लाख से अधिक गाड़ियों की जांच कराई गई, जिनमें 10 हजार से अधिक गाड़ियां जांच में फेल मिलीं।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बिना पल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाना दिल्ली की हवा के खिलाफ अपराध जैसा है। इसलिए नो पीयूसी नो फ्यूल को ग्रुप-4 हटने के बाद भी जारी रखने का फैसला लिया गया। प्रदूषण फैलाने वाली S00 से अधिक इंडस्ट्रीज को बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, हाई- राइज इमारतों पर एंटी स्मॉग गन लगाने की समय-सीमा भी बढ़ा दी है।
27 PUC सेंटर को बंद कर दिया नोटिस
प्रदूषण जांच को लेकर पीयूसी सेंटरों में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने रैंडम जांच अभियान चलाया। जांच में 27 पीयूसी सेंटरों में गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद विभाग ने 27 सेंटरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अगले आदेश तक बंद कर दिया है। इनमें से दो पीयूसी सेंटरों को स्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पीयूसी सेंटरों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
आठ दिन बाद AQI फिर पहुंचा 400 पार
8 दिन बाद AQI मंगलवार को एक बार फिर 400 के पार पहुंच गया है। इस नवंबर यह चौथा दिन रहा जब AQI 400 के पार पहुंचा। पूर्वानुमान के अनुसार अगले दस दिनों तक प्रदूषण का स्तर बेहद खराब बना रहेगा। दिल्ली का एक्यूआई 412,फरीदाबाद का 239, गाजियाबाद का 392, ग्रेटर नोएडा का 388, गुड़गांव का 364 और नोएडा का 426 रहा।