70 साल और उससे बड़े बुजुर्गों के लिए बल्‍ले-बल्ले, इन राज्यों में मिलेगी ‘जन्नत’ वाली जिंदगी

Anbucholai: 70 साल पार कर चुके मां-बाप, दादा-दादी अब दर-दर भटकने की मजबूरी से आजाद हो जाएंगे. देशभर में कई राज्य बुजुर्गों के लिए ‘जन्नत’ जैसे इंतजाम कर रहे हैं. डे केयर सेंटर्स से लेकर फ्री दवाई, पेंशन और स्पेशल सेवाओं तक, सब कुछ फ्री या कम खर्चे में. तमिलनाडु में शुरू हो रही पहल अकेलेपन की मार झेल रहे करोड़ों बुजुर्गों के लिए ये सौगात वरदान साबित हो सकती है. आइए, जानते हैं इन राज्यों की खास योजना के बारे में, जो आपको हंसाने-खिलाने और स्वस्थ रखने का वादा कर रही हैं.

तमिलनाडु के बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाने की नई कोशिश हो रही है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कल यानी सोमवार को तिरुचिरापल्ली जिले में 25 नए अंबू चोलाई केंद्रों का उद्घाटन करेंगे. ये केंद्र बुजुर्गों के लिए दिन भर की देखभाल वाले स्पॉट हैं, जहां वे अकेलेपन से दूर होकर हंस-खेल सकेंगे. करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बने ये सेंटर्स बुजुर्गों की जिंदगी को रंगीन बनाने का सरकारी वादा हैं.

बुजुर्गों की खुशी का नया ठिकाना
कल्पना कीजिए, सुबह उठकर योग करें, दोस्तों से गपशप करें, इंडोर गेम्स खेलें और शाम को पौष्टिक नाश्ता खाकर घर लौटें.यही तो अंबू चोलाई केंद्रों का मकसद है.ये डे केयर सेंटर्स बुजुर्गों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करेंगे.यहां प्रशिक्षित स्टाफ किताबें पढ़ाएगा, सांस्कृतिक कार्यक्रम करेगा, काउंसलिंग देगा. खास बात, हर केंद्र में बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर रैंप, आरामदायक स्पेस और सारी सुविधाएं हैं. समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग मिलकर पोषण भोजन, हेल्थ चेकअप और वेलनेस प्रोग्राम चलाएंगे. ये केंद्र सिर्फ दिन में खुले रहेंगे, ताकि बुजुर्ग परिवार के साथ रात बिताएं.

डिप्टी सीएम की अलग पहल
इसी बीच, डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन त्रिपलीकेन के ऐतिहासिक अरुलमिगु श्री पार्थसारथीस्वामी मंदिर में ‘विशेष मंदिर सेवा योजना’ लॉन्च करेंगे. यह योजना 70 साल से ऊपर के बुजुर्ग दंपतियों के लिए है, जो मंदिर में स्पेशल सर्विसेज देगी. तमिलनाडु सरकार बुजुर्गों के सम्मान को प्राथमिकता दे रही है, और अंबू चोलाई जैसी स्कीम्स इसका जीता-जागता सबूत हैं. यह कदम सरकार के बड़े एजेंडे का हिस्सा है, जो कम्युनिटी बेस्ड सपोर्ट से बुजुर्गों का कल्याण सुनिश्चित करेगा. तमिलनाडु में बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है, और ऐसी योजनाएं उन्हें अकेलेपन से बचाएंगी.अगर आपका कोई बुजुर्ग रिश्तेदार है, तो ये केंद्र उनके लिए वरदान साबित होंगे. सरकार की यह पहल न सिर्फ स्वास्थ्य सुधारेंगी, बल्कि सामाजिक बॉन्डिंग भी मजबूत करेंगी.