Indigo Crisis: इंडिगो एयरलाइन के लगातार दिन पर दिन गहरा रहे रहे संकट पर सरकार ने सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है. सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने मंगलवार को सदन में संसद में बताया कि इंडिगो के डेली फ्लाइट शेड्यूल में 5% कटौती की गई है. अभी इंडिगो की तरफ से रोजाना 2300 उड़ान संचालित की जाती है. यानी इस आदेश के बाद अब इंडिगो की हर दिन 115 फ्लाइट कम हो जाएंगी. कम हुई फ्लाइट का शेड्यूल अकासा और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी दूसरी एयरलाइन को दिया जाएगा.
यात्रियों का रिफंड प्रोसेस किया जा रहा
इंडिगो संकट पर सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने संसद में बोलते हुए कहा कि एयरलाइन की तरफ से लगातार यात्रियों का रिफंड प्रोसेस किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इंडिगो के बड़े अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने कहा पिछले कुछ दिन में बिगड़े हालात पर इंडिगो की जिम्मेदारी तय की जाएगी. लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह समझौता नहीं किया जाएगा. यात्रियों को सरकार की तरफ से लगातार मदद की जा रही है. सरकार की तरफ से जो कदम उठाए गए हैं, उनके आधार पर धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं.
इंडिगो एयरलाइन को डीजीसीए का बड़ा झटका
इससे पहले डीजीसीए (DGCA)ने इंडिगो एयरलाइन को बड़ा झटका दिया है. डीजीसीए के एक आदेश के तहत रोजाना 2300 फ्लाइट वाली इंडिगो की हर दिन 5% फ्लाइट्स कम कर दी. यानी अब इंडिगो की पहले के मुकाबले 115 फ्लाइट को कम कर दिया गया है. इतना ही नहीं, यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में 5% की कटौती और की जा सकती है. सूत्रों के अनुसार, इंडिगो को इस बारे में पहले ही बता दिया गया है कि किन-किन फ्लाइट को बंद करना है. लेकिन कोशिश की जा रही है कि छोटे शहरों की कनेक्टिविटी पर असर नहीं पड़े.
FDTL के कारण पायलटों की संख्या बढ़ानी थी
दरअसल, नवंबर से लागू नए पायलट ड्यूटी नियम (FDTL) के कारण पायलटों की संख्या ज्यादा चाहिए थी. लेकिन इंडिगो ने इसके लिए पहले से तैयारी नहीं की थी. इसके अलावा इंडिगो ने विंटर शेड्यूल में अपनी घरेलू फ्लाइट की संख्या 6% तक बढ़ा दीं. नतीजा यह हुआ कि दिसंबर के पहले हफ्ते में रोजाना सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल होने लगीं और एयरपोर्ट पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा. इंडिगो के उलट एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने विंटर शेड्यूल में फ्लाइट की संख्या कम की थी.
स्पाइसजेट ने 26% फ्लाइट बढ़ाईं
एयर इंडिया ग्रुप ने 3% और अकासा एयर ने 5.7% फ्लाइट को घटाया. स्पाइसजेट ने 26% तक फ्लाइट बढ़ाईं क्योंकि एयरलाइन की तरफ से अपनी सर्विस को दोबारा शुरू किया जा रहा है. सवाल यह उठ रहा है कि डीजीसीए ने इंडिगो को इतनी ज्यादा फ्लाइट को बढ़ाने की इजाजत ही क्यों दी, जबकि नए नियम के तहत उसके पास पायलट की कमी थी. इंडिगो की तरफ से दी गई सफाई में कहा गया ‘तकनीकी गड़बड़ियां, मौसम खराब होना, विंटर शेड्यूल चेंज और नए FDTL नियम, सभी इश्यू एक साथ आ गए, जिससे परेशानी बढ़ गई’.
नए FDTL नियम इंडिगो के A320 फ्लीट के लिए 10 फरवरी 2026 तक होल्ड कर दिये गए हैं. फिर भी मिनिस्ट्री की तरफ से कहा गया कि इंडिगो के खिलाफ ‘सख्त कार्रवाई’ की जाएगी.