कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक खौफनाक घटना सामने आई है। गुरुवार को घर के अंदर नशेबाजी का विरोध करने पर छोटे भाई ने नेत्रहीन बड़े भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। छोटे भाई ने अपने एक साथी के साथ मिलकर बड़े भाई को साबड़ से तक पीटा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। उसके बर्बता की कहानी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बयां कर रही है। नेत्रहीन के सिर की हड्डियां टूटी मिली, भेजा तक बाहर आ गया, जबड़े के कई टुकड़े हो गए और हाथ टूट गया। पुलिस ने हत्यारोपी के साथी को गिरफ्तार किया है। वहीं हत्यारोपी की तलाश जारी है।
बर्रा थाना क्षेत्र स्थित विश्वबैंक निवासी कुंदन सिंह (45), बहन कंचन और भाई छोटू के साथ रहते थे। इसके अलावा उनके परिवार में एक बड़ा भाई विनोद घाटमपुर में और छोटा भाई चंदन लखनऊ में रहकर टाइल्स फिटिंग का काम करता है। परिवारजनों ने बताया कि चंदन शराब का लती था। वह हफ्ते दो हफ्ते में घर आकर नशेबाजी करता था। बीते एक साल से मोतियाबिंद की वजह से कुंदन को दोनों आंखों से दिखना बंद हो गया था। वहीं चंदन दोस्तों के साथ घर अंदर ही शराब पीना शुरू कर देता था, जिसका कुंदन विरोध करता था।
सोते समय उतारा मौत के घाट
कुंदन आंखों से लाचार होने की वजह से ज्यादा कुछ कह नहीं पाते थे। कंचन ने बताया कि बुधवार को दिन से ही चंदन दोस्त राजू चौरसिया के साथ घर में शराब पीकर नशेबाजी कर रहा था। कुंदन के विरोध करने पर दोनों चाकू से हमला कर भाग निकले। मामला पारिवारिक होने की वजह से पुलिस से शिकायत नहीं की। रात में दोबारा चंदन अपने साथी के साथ घर लौटा। कंचन के मुताबिक पहले मुझे पीटा। इसके बाद दोनों ऊपर सो रहे कुंदन के कमरे में पहुंचे। दोनों ने ईंट और साबड़ से हमला कर दिया। दहशत की वजह से कंचन ऊपर नहीं गई। इसके बाद दोनों मौके से भाग निकले।
हत्या के प्रयास में जेल में था
बहन ने जब ऊपर जाकर देखा तो खून से लथपथ कुंदन का शव पड़ा था। बर्रा इंस्पेक्टर रविन्द्र श्रीवास्तव के मुताबिक आरोपियों ने बर्बता से वारदात को अंजाम दिया है। सिर पर कई वार होने से मौत हुई है। राजू चौरसिया को गिरफ्तार किया गया है। वह शहर से भागने की फिराक में था। हत्यारोपी को पकड़ने के लिए तीन टीमों को लगाया गया है। बड़े विनोद ने बताया कि तीन साल पहले गोविंद नगर में चंदन ने एक युवक पर जानलेवा हमला किया था। हत्या के प्रयास में एक साल से जेल में बंद था, उसे जमानत पर छुड़ाया गया था। इसके बाद से वह लखनऊ में रहकर काम कर रहा था।