aharashtra News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक वायरल वीडियो को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है. इंटरनेट पर तैर रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को एक पुलिस वाहन का चालक यह कहते हुए धमका रहा है कि अगर वे दोबारा कोई भी प्रदर्शन करता है, तो उन्हें झूठे ड्रग्स के मामले में फंसा दिया जाएगा और पूरी जिंदगी जेल में काटना पड़ेगा.
अब इस वीडियो को लेकर कांग्रेस ने महायुति की सरकार पर निशाना साधा है. मुंबई कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर कर मुंबई पुलिस को टैग किया और आरोप लगाया कि छात्रों को डराने और धमकाने की कोशिश की जा रही है. यह लोकतांत्रित अधिकारों पर हमला है.
कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में क्या कहा?
कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा कि अपनी आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है और छात्रों के सवालों का जवाब धमकियों से नहीं बल्कि जवाबदेही से दिया जाना चाहिए. जैसे ही वीडियो वायरल हुए मामला तेजी से चर्चा में आ गया. सोशल मीडिया पर भी इसी को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें सुनाई रही बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
मुंबई पुलिस ने लिया मामले का संज्ञान
इस पूरे प्रकरण को लेकर मुंबई पुलिस ने संज्ञान लिया है और मुंबई पुलिस के डीसीपी ऑपरेशंस अकबर पठान ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता और गंभीरता की बात की जा रही है. उनकी ओर से कहा गया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच शुरू की गई है और वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिस वाहन के चालक को उसकी मौजूदा पोस्टिंग से हटा दिया गया है.
पुलिस अधिकारी ने क्या बताया?
डीसीपी अकबर पठान के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि जांच में किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार या नियमों के विपरीत कर्रवाई सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे.
गौरतलब है कि एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर आंदोलनकर्मियों को धमकाने के वीडियो का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्यक्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है. वर्तमान में पुलिस की ओर से इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जा रही है. जांच के बाद ही पता लग सकेगा कि आखिर मामले की सच्चाई क्या है?