बिजनौर। शादी की जिद के चलते फैसल ने सना की हत्या कर दी। वह सना की बहनों को गुमराह करता रहा। फोन रिकॉर्ड से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है।
चाबी ढूंढो, सना चाबी लेकर गई है तो लौटकर आएगी… वरना नहीं। इस तरह की बात करके आरोपी फैसल सना के बजाए कमरे में लगे ताले की चाबी ढुंढवाते हुए उसकी बहनों को गुमराह करता रहा। वहीं उसने पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर बनाए रखी। हालांकि कॉल डिटेल और बिजनौर में मिली सना के फोन की आखिरी लोकेशन के जरिए पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
बिजनौर में सना की हत्या करने के बाद आरोपी फैसल मुंबई लौट गया। सना की बहन शबाना आसिफ शेख और अन्य परिजनों ने फैसल से सना के बारे में मालूम किया तो उसने कुछ जानकारी होने से इनकार कर दिया। शबाना आसिफ शेख के अनुसार, सना 28 मई को घर से निकली और 29 मई को सना से बात हुई थी।
तब उसने फैसल के साथ होना बताया था। 2 जून को उन्होंने थाना जोगेश्वरी बेस्ट की ओसीवारा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पहले तो फैसल अंसारी उनको गुमराह करता रहा जब सबने सीडीआर निकलवाने की बात कही तब भी वह कोई जानकारी नहीं होने की बात दोहराता रहा।
10 जून को सीडीआर मिलने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया
दस जून को सीडीआर मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया था। शुक्रवार की छह बजे मृतका की बहन शबाना आसिफ शेख मुंबई के थाना जोगेश्वरी बेस्ट की पुलिस चौकी ओसीबारा के पुलिस चौकी इंचार्ज संजय चौहान, बंदा कामना के साथ मंडावर थाने में पहुंची। मुंबई पुलिस की हिरासत में हत्यारोपी फैसल को भी लाया गया।
शबाना बिजनौर में केस दर्ज कराने को नहीं थी तैयार
मुंबई पुलिस के साथ मंडावर थानाध्यक्ष संजय तोमर पुलिस बल को लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए। सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचकर मृतका की बहनों से जानकारी की और मुंबई पुलिस से भी घटना के संबंध में वार्ता की। उधर मुंबई पुलिस इस घटना की रिपोर्ट मंडावर थाने में दर्ज कराकर अपना पीछा छुड़ाने की फिराक में लगी रही जबकि सना शमीम की बहन शबाना आसिफ शेख बिजनौर में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं थी।
आरोपी फैसल मुंबई में मुर्गा काटने का काम करता था, बाद में उसने यह काम अपने पिता और भाई के हिस्से में छोड़ दिया। अब काफी दिनों से सैलून पर काम करता था। इसी बीच उसके प्रेम संबंध सना से हो गए। सना आरोपी से करीब 15 साल बड़ी है, जबकि आरोपी की उम्र 20 से 21 साल है। सना का नौ साल का बेटा भी है। प्रेम संबंधों के चलते सना ने अपने पति को छोड़ दिया था। अब फैसल से शादी करना चाहती थी। मगर फैसल और उसका परिवार इसके लिए राजी नहीं था।
यह है मामला
मुंबई की रहने वाली तलाकशुदा नर्स सना (35) की 29 मई को प्रेमी फैसल ने गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में दबा दिया। मुंबई पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर शुक्रवार को बिजनौर पहुंची और शाम करीब सात बजे मंडावर पुलिस के साथ मिलकर फैसल की निशानदेही पर खेत में गड्ढे में दफन शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी मुंबई में रहकर सैलून का काम करता था, जहां उसके सना से प्रेम संबंध हो गए। अब सना शादी की जिद पर अड़ी थी, जिससे छुटकारा पाने के लिए फैसल ने उसे मार डाला।
मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम सैफपुर खादर निवासी फैसल अंसारी उर्फ शमी उर्फ समीर मुंबई के ओसीवारा थाने की पुलिस चौकी जोगेश्वरी बेस्ट के आनंदनगर में सैलून पर काम करता है। जहां, बड़ी मस्जिद निवासी फकीर अहमद की पुत्री सना (35) से उसके प्रेम संबंध हो गए। मुंबई के ही एक अस्पताल में नर्स सना ने फैसल से नजदीकियां बढ़ने पर पति से तलाक ले लिया था।
अब फैसल ईद मनाने के लिए बिजनौर अपने गांव आ गया। उधर 29 मई को सना भी उसके गांव पहुंच गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि सना ने बिजनौर पहुंचकर फैसल से संग रहने और शादी करने की जिद की। फैसल उसे बाइक पर बैठाकर मंडावर थाना क्षेत्र के फतेहपुर सभाचंद के जंगल में ले गया। जहां उसने गला घोंटकर सना की हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में दबा दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी मुंबई लौट गया।
उधर सना के गायब होने के बाद दो जून को मुंबई में गुमशुदगी दर्ज हुई। प्राथमिक जांच के बाद ही मुंबई पुलिस ने फैसल को हिरासत में लिया। उसने हत्या किए जाने की बात स्वीकारी। जिसकी निशानदेही पर शव बरामद करने के लिए मुंबई पुलिस शुक्रवार को बिजनौर पहुंची।