यूरोप की सबसे खुर्राट लीडर हैं मेलोनी, ट्रंप तो कुछ भी नहीं

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की बदजुबानी पर करारा जवाब देने के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की लोकप्रियता चरम पर है. अपने फैसलों और राष्ट्रवाद पर वह किसी भी वैश्विक महाशक्ति या नेता के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं. अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मेलोनी से सीधे पंगे लेने की सोच रहे हैं तो यह उनके अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा. एक बार अपने बयान से मेलोनी पूरे पाकिस्‍तान और मिडिल-ईस्‍ट को नाराज कर चुकी हैं. चलिए हम आपको मेलोनी के राजनीतिक हठ, बेबाकी और कड़े रुख को लेकर 5 सबूत देते हैं.

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को सुनाया: फ्रांस के ल्योन शहर में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता क्विंटिन डेरांक की वामपंथी चरमपंथियों द्वारा कथित हत्या पर जॉर्जिया मेलोनी ने इसे पूरे यूरोप के लिए एक गहरा घाव बताया था. इस पर भड़के फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मेलोनी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रवादियों को अपने देश तक सीमित रहना चाहिए और दूसरों के मामलों में टांग नहीं अड़ानी चाहिए. मेलोनी ने भी तुरंत इस पर बेहद कड़ा और हैरान करने वाला पलटवार किया था. मेलोनी ने साफ कर दिया कि वह यूरोप में वैचारिक हिंसा के खिलाफ बोलने से पीछे नहीं हटेंगी, चाहे सामने फ्रांस जैसी बड़ी ताकत ही क्यों न हो.

मेलोनी के बयान से भड़के पाकिस्‍तानी: जॉर्जिया मेलोनी का 2018 का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने साफ कहा था कि इस्लामी संस्कृति की कुछ व्याख्याओं और यूरोपीय सभ्यता के अधिकारों व मूल्यों के बीच कम्पैटिबिलिटी (सामंजस्य) की गंभीर समस्या है. उन्होंने यूरोप में हो रहे इस्लामीकरण और सऊदी अरब द्वारा वित्तपोषित सांस्कृतिक केंद्रों पर खुलकर चिंता जताई थी. पाकिस्‍तान के लोगों ने इस बयान के बाद मेलोनी को खूब ट्रोल किया था. यह बयान उनके प्रधानमंत्री बनने से बहुत पहले का था. उन्‍होंने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा था कि वो ब्रिटेन और अल्बानिया जैसे देशों के साथ मिलकर अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के कड़े और कंक्रीट फैसलों पर लगातार काम कर रही हैं, जो उनके अडिग रहने का सबसे बड़ा सबूत है.

विरोध के बावजूद फिलिस्तीन मुद्दे पर ट्रंप-इजरायल पर निशाना: गाजा युद्ध के बीच इटली में फिलिस्तीन को अलग देश के रूप में मान्यता देने और इजरायल पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर 20 लाख से अधिक लोगों और ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल की थी. इसके बावजूद मेलोनी अपनी बात पर अड़ी रहीं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ब्रिटेन और फ्रांस की तरह फिलिस्तीन को तुरंत मान्यता देने से साफ इनकार कर दिया था. मेलोनी ने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस अल्टीमेटम से जोड़ दिया जिसमें हमास द्वारा बंधकों की रिहाई और पूर्ण निरस्त्रीकरण की शर्त शामिल है. घरेलू स्तर पर भारी राजनीतिक नुकसान झेलने के बाद भी वह अपने अंतरराष्ट्रीय रुख से टस से मस नहीं हुईं.

जब अदालत पर भड़की थी मेलोनी: इटली के ट्यूरिन में 7 अक्टूबर के हमास हमलों को प्रतिरोध बताने वाले और हिंसा को जायज ठहराने वाले मिस्र के इमाम मोहम्मद शाहिन को जब स्थानीय अदालत ने रिहा कर दिया तो मेलोनी न्यायपालिका पर ही बरस पड़ीं. गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए डिपोर्टेशन (देश निकाला) के आदेश को कोर्ट द्वारा पलटने पर मेलोनी ने सीधे न्यायधीशों की मंशा पर सवाल उठा दिए. उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा कि अगर कोर्ट आतंकवाद का समर्थन करने वालों को ऐसे ही छोड़ देगी तो वह इटली के नागरिकों की सुरक्षा कैसे करेंगी? देश के भीतर जजों से ऐसा सीधा पंगा लेना उनकी बेबाक राजनीति का बड़ा सबूत है.

पोर्न वेबसाइट को घुटनों पर ले आई: जब ‘फिका’ नाम की एक पोर्न वेबसाइट ने जॉर्जिया मेलोनी, उनकी बहन आरियाना और विपक्ष की नेता एली श्लेन की तस्वीरों को छेड़छाड़ (मॉर्फ) करके अभद्र कैप्शन के साथ अपनी वीआईपी श्रेणी में पोस्ट किया तो मेलोनी ने इसे केवल अपना नहीं बल्कि हर महिला की गरिमा पर हमला माना. उन्होंने इस पर गहरी घृणा और नाराजगी जताते हुए कानूनी एजेंसियों को तत्काल सख्त एक्शन के निर्देश दिए. मेलोनी के इस आक्रामक और कड़े रुख के बाद करीब 7 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स वाली उस बड़ी वेबसाइट के संचालकों को डर के मारे अपनी पूरी साइट ही इंटरनेट से हमेशा के लिए बंद करनी पड़ी.

ट्रंप और मेलोनी के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि लोकप्रियता गिरने के कारण मेलोनी ने जी-7 में उनके साथ फोटो की मिन्नतें कीं. ट्रंप की असली नाराजगी ईरान संकट के समय इटली द्वारा अमेरिकी युद्धक विमानों को लैंडिंग की इजाजत न देना थी. इस पर मेलोनी ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि ट्रंप की दोस्ती से उनकी पॉप्युलैरिटी नहीं बढ़ी. मेलोनी ने दो टूक चेतावनी दी कि इटली एक संप्रभु देश है और अमेरिकी एयरबेस का इस्तेमाल उनकी शर्तों पर ही होगा. मेलोनी ने यहां तक कहा कि मेरी चिंता ना करें, अपना देखें.