Pan-India Weather Update: कुछ दिनों की कमजोरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर महाराष्ट्र और मुंबई में सक्रिय हो गया है. इसकी वजह पश्चिमी हवाओं का मजबूत होना और अनुकूल मौसमी परिस्थितियोा हैं. इस बदलाव की वजह से महाराष्ट्र से लेकर तटीय कर्नाटक और केरल तक पूरे पश्चिमी तट पर व्यापक बारिश शुरू हो गई है. मुंबई के विभिन्न इलाकों में अब पिछले 24 घंटों में बारिश तेज हुई है. कोलाबा में 30 मिमी और सांताक्रूज में 103 मिमी वर्षा दर्ज की गई है.
6 जुलाई तक रह सकती है अच्छी बारिश
प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में 5 से 6 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहेगा, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा. हालांकि, इससे निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़ जैसी स्थिति, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी. 5 और 6 जुलाई के आसपास दक्षिण मध्य प्रदेश से उत्तर कोंकण और गोवा की ओर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बढ़ सकता है, जिससे बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है. मानसून के दोबारा सक्रिय होने से मुंबई के लिए बड़ी राहत मिलने जा रही है. भारी बारिश होने से शहर के जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ेगा, जिससे शहर में शुरू हुए जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी.
यूपी-उत्तराखंड में खत्म होगा बारिश का इंतजार
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की बात करें तो यहां भी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार अब खत्म होने वाला है. सामान्य परिस्थितियों में 20 जून के आसपास मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पहुंच जाता था. लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के कारण करीब 10 दिनों की देरी हुई. इसी वजह से दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में अब तक गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है.
अब इन दोनों राज्यों में मौसम की परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हो गई हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. साथ ही, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरपूर पूर्वी हवाएं उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर हिस्सों तक पहुंचने लगी हैं. इन दोनों मौसमी प्रभावों की वजह से दोनों राज्यों में जल्द ही मानसून की बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है.
अब गर्मी से मिलने जा रही है राहत
मौसम एजेंसी के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 1 जुलाई से हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें शुरू होने की संभावना है. इसके बाद यूपी के बाकी जिलों और उससे लगे उत्तराखंड में इसका विस्तार हो जाएगा. 2 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूरे उत्तराखंड में व्यापक मानसूनी बारिश होने की उम्मीद है. इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे इन क्षेत्रों में मानसून का प्रभावी आगमन माना जाएगा.
बारिश बढ़ने के साथ ही गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिलने लगेगी. बादल छाने और लगातार बारिश होने से दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी तथा मौसम सुहावना हो जाएगा. मानसून की देरी के कारण किसान खरीफ फसलों की बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे थे. लेकिन अब जुलाई के पहले सप्ताह में व्यापक बारिश होने से मिट्टी में पर्याप्त नमी आएगी, जिससे धान, मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी.
अगले 24 घंटे में झमाझम बारिश के आसार
गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड और बिहार में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ भागों में भी मानसून आगे बढ़ जाएगा. इसके बाद, अगले 2-3 दिनों में मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के अधिक भागों में आगे बढ़ सकता है.
मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया कि अगले 24 घंटों में कोकण, गोवा, तटीय कर्नाटक और उत्तर केरल में लगातार हो रही बारिश का दौर जारी रह सकता है. विदर्भ, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल के हिमालय से सटे क्षेत्र, सिक्किम और असम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
इसी तरह पश्चिम बंगाल, उत्तर-पूर्व भारत, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और उत्तराखंड के कुछ भागों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश के आसार बन रहे हैं. वहीं, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.