Science Latest News: वार्विकशायर विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के वैज्ञानिक दुनिया के अंत के बारे में नया शोध कर रहे हैं. उनके रिसर्च पेपर के मुताबिक, बहुत दूर भविष्य में हमारा सूरज अपनी सारी हाइड्रोजन ऊर्जा को जला देगा. जब ऐसा होगा तो सूरज लाल दानव तारा बनना शुरू हो जाएगा. यह किसी भी तारे के जीवन का आखिरी स्टेप होता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह विशाल लाल तारा(Red Giant Star)या तो पूरी पृथ्वी को निगल जाएगा या फिर इसके टुकड़े-टुकड़े कर देगा.
कब और कैसे होगा धरती का अंत?
शोधकर्ताओं के अनुसार, धरती का विनाश लगभग 5 अरब सालों में हो सकता है. मुख्य लेखक डॉ. एडवर्ड ब्रायंट ने बताया कि अंत में हमारा ग्रह एक चीज जिसे ज्वारीय बल कहते हैं, उसकी वजह से सूरज की तरफ खिंच जाएगा. जैसे-जैसे सूरज बड़ा होता जाएगा यह बल और भी मजबूत हो जाएगा और धरती की गति को धीमा कर देंगे और उसकी कक्षा को छोटा कर देंगे. इसके कारण धरती अंदर की तरफ घूमती रहेगी जब तक सूरज में गिरे ना या फिर टूट ना जाए.
कैसे की गई ये खोज?
वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचने के लिए NASA के TESS से मिले डाटा की मदद ले रहे हैं. उन्होंने इस डाटा को कंप्यूटर प्रोग्राम से गुजारा जो तारों की चमक में आए छोटे-छोटे बदलावों को खोजता है. ये बदलाव दिखाते हैं कि कई ग्रह तारे के सामने से गुजर रहा है. डॉ. ब्रायंट और डॉ. विन्सेन्ट वान आइलेन ने लगभग 15,000 संकेतों में से 130 ग्रहों या संभावित ग्रहों की पहचान की जिसमें से सिर्फ 33 तारे ऐसे थे जिनकी खोज पहली बार हुई.
डॉ. ब्रायंट ने क्या कहा?
डॉ. ब्रायंट ने कहा कि यह इस बात का पक्का सबूत है कि जैसे ही तारे बूढ़े होने लगते हैं वो तेजी से अपने पास के ग्रहों को अंदर खींचकर खत्म कर सकते हैं. उन्होंने बताया, इस बारे में पहले सिर्फ बहस और अंदाजा लगाया जाता था लेकिन अब हम इस असर को सीधे देख सकते हैं और कई सारे तारों के डाटा पर माप सकते हैं. हमें इस असर को देखनी की उम्मीद तो थी लेकिन हम इस बात से हैरान थे कि ये तारे अपने पास के ग्रहों को कितनी आसानी से और जल्दी निगल जाते हैं.