नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान ने बीते कुछ महीनों से चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक समझौते पर साइन किए हैं. आगामी शुक्रवार को जिनेवा में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने हैं. लेकिन दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहे.
नेतन्याहू ने कहा कि हमने इजरायल को विनाश से बचा लिया है लेकिन हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. समझौता हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे. हम क्षेत्र में मौजूद खतरों को विफल करने की अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे.
उन्होंने कहा कि कभी-कभी मेरी और ट्रंप की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं होती. ट्रंप और मैं साझेदार हैं. हम अक्सर एक-दूसरे से सहमत होते हैं और कभी-कभी असहमत भी होते हैं. ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जो भी आवश्यक होगा, हम वह करेंगे.
नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ इजराइल का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के सार्वजनिक होने के बाद नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान ने परमाणु विनाश के खतरे को समाप्त कर दिया है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं.
उन्होंने लेबनान के बारे में कहा कि जब तक आवश्यक होगा, हम बफर जोन में बने रहेंगे. हम हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई की अपनी स्वतंत्रता बनाए रखेंगे.
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हमारी जंग अभी खत्म नहीं हुई है. इजराइली सेना ने उन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया है, जिनका उपयोग पहले हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल को खतरा पहुंचाने के लिए किया जाता था.
नेतन्याहू ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर इन सुरक्षा क्षेत्रों में बने रहेंगे. हम इस समझौते के बावजूद ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे. ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इजरायल का एक प्रमुख उद्देश्य है.
नेतन्याहू ने कहा कि मैं गलत नहीं था और हमने अपना लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है, जो इजरायल पर मंडरा रहे परमाणु खतरे को समाप्त करना है. इस बयान में नेतन्याहू ने दोहराया कि इजरायल की प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है, चाहे अमेरिका और ईरान के बीच कोई नया समझौता क्यों न हो जाए.