दिल्ली-NCR में प्रदूषण से हाहाकार, सिंगापुर भी परेशान; अपने नागरिकों को दे डाली एडवाइजरी

Air Pollution Delhi: प्रदूषण ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में कहर बरपाया हुआ है. लेकिन खतरा कितना बढ़ चुका है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बढ़ते प्रदूषण को लेकर सिंगापुर हाई कमीशन ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है. हाई कमीशन ने इस बात पर जोर दिया कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने वीकेंड पर भारत के ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज 4 को लागू किया है.

दिल्ली में ग्रैप 4 लागू
सिंगापुर हाई कमीशन के साइमन वोंग ने कहा, ‘इंडियन सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के स्टेज 4 को लागू करने के बाद सिंगापुर हाई कमीशन ने दिल्ली NCR में सिंगापुर के नागरिकों के लिए यह एडवाइजरी जारी की है.’ GRAP 4 सबसे ऊंचे लेवल का इमरजेंसी उपाय है, जिसके लागू होने के बाद कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज पर भारी पाबंदियां लगा दी जाती हैं. बच्चों, सांस या दिल की बीमारियों वाले लोगों को घर के अंदर रहने और बाहर मास्क पहनने को कहा जाता है और हाइब्रिड वर्किंग और लर्निंग फॉर्मेट को बढ़ावा दिया जाता है.

बयान में क्या बोला सिंगापुर
सिंगापुर ने बयान में कहा ,’दिल्ली में रहने वाले सभी सिंगापुर नागरिक इस एडवाइजरी को देखें. यह भी कहा गया कि कम विजिबिलिटी के कारण, दिल्ली नेशनल कैपिटल रीजन से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कई एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी की हैं. यात्रियों को इस पर ध्यान देना चाहिए, और अपडेट के लिए संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करना चाहिए. जिन सिंगापुरवासियों को कांसुलर सहायता की मदद चाहिए थी, उन्हें हाई कमीशन से संपर्क करने का आदेश दिया गया है.

धुंध और कोहरे का कोहराम
यह कदम तब उठाया गया है जब दिल्ली की हवा की क्वालिटी ‘गंभीर’ श्रेणी में चली गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 13 दिसंबर को 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 431 तक पहुंच गया था. घने कोहरे और धुंध ने विजिबिलिटी कम कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में उड़ानें और रोजमर्रा की जिंदगी बाधित हुई है. GRAP स्टेज 4 के तहत, अधिकारियों ने गैर-जरूरी ट्रकों की एंट्री पर बैन लगा दिया है, निर्माण कार्य रोक दिया है. स्कूलों को हाइब्रिड मोड में कर दिया है और एमिशन को कम करने के लिए ऑफिस में मौजूदगी 50% क्षमता तक सीमित कर दी है.

एक तरफ सिंगापुर ने ट्रैवल रिस्क और हेल्थ को लेकर चेतावनी दी है तो दूसरी ओर ब्रिटेन ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में कहा, ‘खतरनाक प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है खासकर अक्टूबर से फरवरी के महीने में. उत्तर भारत के शहर प्रदूषण के खतरनाक स्तर से बुरी तरह प्रभावित हैं. जिन बच्चों और बुजुर्गों का पहले से ही इलाज चल रहा है, उन पर असर पड़ सकता है. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या सांस लेने में दिक्कत है तो ट्रैवलिंग से पहले किसी डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें.’