12वीं में आए हैं कम नंबर? न लें टेंशन, करियर के लिए बेस्ट हो सकते हैं ये 4 कोर्स

Best Course After 12th: इस साल सीबीएसई के 12वीं रिजल्ट से कई छात्र नाखुश हैं और उन्हें अपने अंक काफी कम लग रहे हैं. ऐसे में कई छात्रों के लिए ये तय करना भी मुश्किल हो रहा है कि वो कम नंबर आने के कारण कौन सा कोर्स चुने. हालांकि, चिंता होने के पीछे की मुख्य वजह कहीं न कहीं, बदलता समय और टेक्नोलॉजी में तेजी से हो रहा बदलाव है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में जब छात्रों को अपने भविष्य को लेकर सोचना पड़ रहा है तो उनके लिए समझना मुश्किल हो रहा है कि वो किस कोर्स में एडमिशन लें. ग्रेजुएशन के लिए कौन सा कोर्स सही रहेगा? क्या कोई ऐसा कोर्स है जो स्किल के साथ-साथ डिग्री भी दे सकता है?

अगर आपके भी 12वीं में कम अंक आए हैं तो करियर को लेकर बिल्कुल भी चिंता करने जरूरत नहीं है. कुछ ऐसे भी कोर्स हैं जो डिग्री के साथ स्किल-बेस्ड होते हैं और भविष्य में उनकी काफी डिमांड हो सकती है. कॉलेज में एडमिशन की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स कुछ कोर्स को अपना सकते हैं, आइए ऐसे कोर्स के बारे में जानते हैं जो 12वीं में कम अंक आने पर भी स्टूडेंट्स करने का सोच सकते हैं.

1. डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी एंड डेटा प्राइवेसी
आज के समय में हैंकिंग और डेटा चोरी से बचाव के लिए और उस पर नजर बनाए रखने के लिए सरकारी विभाग एथिकल हैकर्स और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की तलाश करते हैं जिसके कारण करियर के अधिक ऑप्शन मिल सकते हैं. ऐसे में 12वीं के बाद डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी एंड डेटा प्राइवेसी कोर्स को अपना सकते हैं. इसके लिए 12वीं पास होना जरूरी है और कंप्यूटर की बेसिक नॉलेज होनी चाहिए. आमतौर पर इस कोर्स के लिए 25000 से 75000 रुपये तक का खर्च आता है.

2. B.Sc इन डेटा साइंस/AI
B.Sc इन डेटा साइंस कोर्स करने का सोच सकते हैं. इसके लिए कक्षा 12वीं में 50 प्रतिशत या 60 प्रतिशत अंक वाले योग्य हैं. ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होंने 12वीं में पीसीएम सब्जेक्ट्स से पढ़ाई की है वो इस कोर्स को कर सकते हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स संबंधित काम के लिए डेटा साइंटिस्ट की तलाश रहती है. आमतौर पर इस कोर्स को करने का पूरा खर्च 60000 से 1 लाख रुपये तक के बीच आता है.

3. बैचलर ऑफ वोकेशन
बीटेक का एक आसान और किफायती ऑप्शन बैचलर ऑफ वोकेशन माना जाता है. इस कोर्स में सिर्फ थ्योरी नहीं बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज, कोडिंग समेत डेटा एनालिसिस भी सिखाया जाता है. नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत इस कोर्स को करने वाले उम्मीदवार एक साल के बाद सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं चाहें तो दो साल के बाद डिप्लोमा भी हासिल कर सकते हैं. 12वीं में 45 से 50 प्रतिशत अंक लाने वाले उम्मीदवारों को इस कोर्स में प्रवेश मिल सकता है. आमतौर पर ये कोर्स 30000 रुपये से 60000 रुपये के बीच के खर्च में हो सकता है.

4. प्रॉम्पट इंजीनियरिंग
12वीं में अगर पास लायक भी अंक आए हैं और कंप्यूटर की बेसिक नॉलेज है तो आप प्रॉम्पट इंजीनियरिंग कोर्स करने का सोच सकते हैं. दरअसल, इस कोर्स के जरिए AI टूल्स का सही इस्तेमाल करवाना सिखाया जाता है. कई कंपनियों में एआई टूल्स की अच्छी समझ रखने वालों की तलाश में रहते हैं. आप चाहें को स्किल इंडिया के माध्यम से ये कोर्स फ्री में कर सकते हैं. जबकि, प्राइवेट संस्थान से प्रॉम्पट इंजीनियरिंग कोर्स को करने के लिए अनुमन खर्च 15000 से 30000 रुपये के बीच आ सकता है.