अमरोहा : उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां के तहसील क्षेत्र के गांव नूरपुर खुर्द में एक मंदिर की भूमि लोगों के लिए आस्था से बड़ी हो गई. शुक्रवार को तो हद ही पार हो गई. भूमि में स्थापित शिवलिंग को एक पक्ष ने उखाड़कर फेंक दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया.
बता दें, नूरपुर खुर्द गांव में जाहरवीर मंदिर और सार्वजनिक कुएं के पास करीब 42 वर्ग मीटर भूमि लंबे समय से खाली पड़ी हुई है. ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार साल पहले तहसील प्रशासन की ओर से आबादी की भूमि की घरौनी तैयार की गई थी, जिसमें ग्रामीणों ने उक्त भूमि को मंदिर के नाम दर्ज कराया था. वहीं, गांव निवासी जयदेव का परिवार दावा करता है कि यह भूमि उनके बुजुर्गों के समय से उनके कब्जे में है और वह इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार 14 जुलाई को जयदेव पक्ष की ओर से उक्त भूमि पर निर्माण काम शुरू किया गया था. सूचना मिलने पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रुकवा दिया था.
लेखपाल दीपक दिलवानिया ने भूमि से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए कुछ दिन का समय दिया था. इसी बीच शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने भूमि पर भराव कराने के बाद शिवलिंग स्थापित कर दिया. दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया. आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में शिवलिंग को उखाड़कर फेंक दिया गया. इसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई.
पुलिस ने मामले में जयदेव, उनकी पत्नी रानी और भाई रनदेव को हिरासत में लेकर शांतिभंग में चालान कर दिया. प्रभारी निरीक्षक संजय प्रताप सिंह ने बताया कि मंदिर की भूमि में स्थापित शिवलिंग उखाड़ने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है. पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है.