नई दिल्ली। गोवा के जिस नाइट क्लब में रविवार की रात को आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई थी, उसके मालिक सौरभ और गौरव लूथरा भारत छोड़ कर थाइलैंड चले गए हैं। इस बात की जानकारी गोवा पुलिस ने दी है। पुलिस ने एक बयान में कहा, “एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद, पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपी गौरव और सौरभ लूथरा के ठिकानों पर छापेमारी के लिए एक टीम दिल्ली भेजी।
पुलिस ने बताया, “लूथरा भाई अपने आवास पर मौजूद नहीं थे इसलिए उनके घर पर एक नोटिस चिपका दिया गया। रविवार की शाम तक, गोवा पुलिस के आग्रह पर इमीग्रेशन ब्यूरो ने उनके खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया।”
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार आधी रात को जब यह घटना हुई, तब दोनों भाई दिल्ली में थे। एक अधिकारी ने बताया, “जब मुंबई में मौजूद इमीग्रेशन ब्यूरो से संपर्क किया गया, तो पता चला कि दोनों आरोपी 7 दिसंबर की सुबह 5.30 बजे, यानी घटना के कुछ घंटों बाद, फुकेत के लिए उड़ान भर चुके थे।” उन्होंने आगे बताया कि गोवा पुलिस ने दोनों को पकड़ने के लिए सीबीआई के इंटरपोल विभाग से संपर्क किया है।
सौरभ लूथरा ने जताया था दुख
सीबीआई इंटरपोल से दोनों भाइयों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध कर सकती है। सौरभ लूथरा ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक बयान पोस्ट करते हुए कहा, “मैनेजमेंट गहरा दुःख व्यक्त करता है और बिर्च में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जान-माल की हानि से स्तब्ध है। इस अपूरणीय दुःख और भारी संकट की घड़ी में, मैनेजमेंट मृतकों और घायलों के परिवारों के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। मैनेजमेंट यह भी पुष्टि करता है कि वह शोक संतप्त और प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव मदद, समर्थन और सहयोग देगा।”
भारत और थाईलैंड के बीच प्रत्यर्पण संधि है। यह साल 2015 से लागू है। लूथरा परिवार ने खाद्य और पेय उद्योग में जबरदस्त तरक्की की है। महज एक दशक पहले ही उन्होंने कई शहरों और विदेशों में दुकानें खोली हैं।
कौन हैं सौरभ लूथरा?
दिल्ली में जन्मे और रोमियो लेन के अध्यक्ष सौरभ लूथरा ने कंप्यूटर साइंस में बी.टेक की डिग्री हासिल की है और इंटरप्रेन्योर बनने से पहले एक दशक तक कॉर्पोरेट सेक्टर में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर काम किया है। उन्होंने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हडसन लेन में एक कैफे-कम-लाउंज, मामाज बुआई और ड्रामेबाज नाम के एक बार से शुरुआत की थी।
रोमियो लेन से ही दोनों भाइयों को विशेष पहचान मिली। यहां पर दोनों भाइयों ने विस्तार किया और दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव, गोवा, भोपाल , इंदौर, देहरादून, लखनऊ और दुबई सहित 30 से ज्यादा शहरों में प्रीमियर रेस्टोरेंट और रूफटॉप रेस्टोरेंट शुरू किए। इस ब्रांड का गोवा में एक बुटीक होटल भी है।
उनके रेस्टोरेंट और बार पोर्टफोलियो में रोमियो लेन, बिर्च, काहा और मामाज बुओई शामिल हैं। गोवा में, इस जोड़ी ने कुछ साल पहले जब अरपोरा में बिर्च बाय रोमियो लेन खुला था, तो उसे भारत का पहला आइलैंड बार बताकर खूब प्रचार किया था। रोमियो लेन की वेबसाइट लूथरा को एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर के तौर पर बताती है। वेबसाइट का दावा है कि उन्हें 2023 में “आइकॉनिक रेस्टोरेंट मालिक” घोषित किया गया था। उन्हें कई पुरस्कार भी मिले हैं।
गोवा पुलिस ने की थी छापेमारी
गौरव लूथरा को उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर रोमियो लेन, बिर्च और काहा के संस्थापक के रूप में दिखाया गया है। दोनों भाई उत्तरी दिल्ली में जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के पास आउट्राम लेन में रहते हैं। यहां पर उन्होंने अपनी पहली दुकानें शुरू की थीं। यहीं पर सोमवार को गोवा पुलिस ने छापेमारी की।
2024 में नॉर्थ दिल्ली में मौजूद उनके एक क्लब को दिल्ली नगर निगम से बैठने की व्यवस्था की सीमाओं और रसोई में खराब स्वच्छता के संबंध में कारण बताओ नोटिस मिला। बाद में इसे ठीक कर लिया गया। उसी साल रोमियो लेन गोवा के उन सात क्लबों में शामिल था, जिन्हें साउंड पॉल्यूशन मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए जीएसपीबी द्वारा नोटिस जारी किया गया था।
पुलिस ने मामला किया दर्ज
बर्च में लगी आग के सिलसिले में, पुलिस ने लूथरा परिवार, आउटलेट के मैनेजर और घटना वाली शाम के कार्यक्रम आर्गेनाइजर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस क्राइम बांच ने बताया कि माना जा रहा है कि लूथरा परिवार का गोवा बर्च नाइट क्लब में एक को-ऑनर था। एक अधिकारी ने कहा, “संदेह है कि वह इस समय दिल्ली में है और एक टीम उसकी तलाश कर रही है।”
बिर्च अग्निकांड मामले में रविवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर, बार मैनेजर राजवीर सिंघानिया और जनरल मैनेजर विवेक सिंह शामिल हैं। सोमवार को पुलिस ने क्लब में पांचवें व्यक्ति भरत सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के ऑफिस ने सोमवार को एक बयान में कहा कि अरपोरा के सरपंच ने आउटलेट के लिए बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, घर की मरम्मत के लिए एनओसी पर साइन किए थे और इसे ट्रेड लाइसेंस भी दिया था। मार्च 2024 में ट्रेड लाइसेंस की समाप्ति के बाद भी परिसर चलता रहा। गोवा पंचायत राज अधिनियम की धारा 72-ए के तहत, स्थानीय निकाय को ऐसे परिसरों को सील करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने ऐसा नहीं किया।