मोबाइल छीनकर भाग रहा था स्नैचर, फिर बहादुर BSF जवान ने की पकड़ने की कोशिश, गंवा दिए दोनों पैर

Ludhiana Crime News: अमृतसर शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है. यहां एक बीएसएफ जवान ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बड़ी बहादुरी दिखाई. लेकिन उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. बीएसएफ जवान अमन जायसवाल ट्रेन से जालंधर जा रहे थे. सफर के दौरान एक मोबाइल स्नैचर उनका मोबाइल फोन छीनकर भाग रहा था. जवान अमन ने हिम्मत दिखाते हुए उसे पकड़ने की कोशिश की. इसी कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन से गिर गए. इस हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर खो दिए.

लुधियाना के दमोरिया पुल पर यह हादसा हुआ है. सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने बताया कि घटना के तुरंत बाद जवान को अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज जारी है. लुधियाना में एक जीआरपी अधिकारी ने बताया दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में उसके घायल पैरों को काटना पड़ा.

जीआरपी थाने में मामला दर्ज
जीआरपी पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शुक्रवार को हुई. पुलिस और जीअरपी टीम आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश में जुटी हुई हैं. जीआरपी लुधियाना पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 304 (2) (छीनना) और 311 (डकैती करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.

डिटॉक्स और नशामुक्ति: 154 नशेड़ियों की गिरफ्तारी
दूसरी तरफ, स्थानीय पुलिस एक नए अभियान नशेड़ियों को हकीकत दिखा रही है. शहर की पुलिस नशेड़ियों को गिरफ्तार कर रही है और उन्हें एक कानूनी प्रावधान का विकल्प दे रही है. इसके तहत उन्हें सजा से छूट मिल सकती है, लेकिन केवल तब जब वे पूरा डिटॉक्स और नशामुक्ति (डीडिक्शन) का कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लें.

शहर की पुलिस ने इस अभियान में 154 नशेड़ियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें या तो सजा भुगतने या इलाज कराने का विकल्प दिया है. यह अभियान War Against Drugs के तहत 1 मार्च से शुरू हुआ है. इसका मकसद सिर्फ ड्रग तस्करों और डीलरों को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि नशेड़ियों को इलाज की तरफ प्रेरित करना भी है.